दलित अधेड़ व उसकी पत्नी को दंबग रिटायर्ड पुलिसकर्मी ने किया मारपीट कर घायल
लखनऊ। सूबे के पुलिस मुखिया के लाख निर्देशों के बावजूद भी जनता के प्रति पुलिस का रवैया सुधरने का नाम नहीं ले रहा है।मंगलवार को माल थाने पर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराने गये पीड़ित दलित को एसओ वीरेन्द्र सोनकर ने पीड़ित की एफआईआर दर्ज करने के बजाय उसपर सुलह समझौते का दबाव बनाते हुए थाने से गाली देकर भगा दिया।थाने पर एसओ की गाली खाने के बाद पीड़ित ने बुधवार को क्षेत्राधिकारी से मिलकर थाने पर एफआईआर दर्ज करवाकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
मामला राजधानी के माल थाना क्षेत्र के अटारी गांव का है। जहां पचास वर्षीय दलित मोहनलाल पुत्र भोगई व उनकी पत्नी को अटारी गांव के दबंग रिटायर्ड पुलिसकर्मी सुरेश त्रिवेदी पुत्र गयाप्रसाद त्रिवेदी व चंद्रशेखर उर्फ गुड्डू ने मोहनलाल को घर में खींच कर जमकर पीटा ।पीडित जब तहरीर लेकर थाने पहुंचे तो उन्हें एसओ वीरेन्द्र सोनकर ने भगा दिया।पीड़ित मोहनलाल ने बताया कि सुरेश का उसने खेत बटाई पर लिया था।और खेत में गेंहूं की फसल में पूरी लागत भी लगाई थी।सुरेश ने बिना लागत दिये ही पूरा गेंहू भी ले लिया हमको एक भी दाना नहीं दिया।उल्टे 46 दिन अपने घर में मजदूरी करवाई उसका भी एक पैसा नहीं दिया।गेंहू और मजदूरी मांगने पर लात घूंसों से काफी मारापीटा भी जिससे हमको व हमारी पत्नी को काफी चोटें भी आयी।उक्त मामले की जब हम थाने पर एफआईआर दर्ज करवाने गए तो एसओ वीरेन्द्र सोनकर ने रिटायर्ड पुलिसकर्मी सुरेश का पक्ष लेते हुए गाली देते हुए कहा कि साले पुलिस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाओगे।सुलह समझौता कर लो नहीं तो उठाकर बन्द कर देंगे।पीड़ित मोहनलाल ने सूबे के पुलिस मुखिया से न्याय की गुहार लगायी है।


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