नरेश अग्रवाल की राजनीतिक हत्या होने पर नेताजी ने दो बार शरण दी
नितिन अग्रवाल अपनी हैसियत देखकर बयान दें
हरदोई -08 मई अपने को हरदोई का लाल कहलाने वाले नरेश अग्रवाल की राजनीतिक हत्या होने पर नेताजी मुलायम सिंह यादव ने दो बार शरण देकर संजीवनी दी। नितिन अग्रवाल की कोई हैसियत भी नहीं है जो सपा पर दगाबाज होने का आरोप लगाएं। सपा उनके बयानों की निंदा करती है और इतनी ही हैसियत व हिम्मत है तो त्यागपत्र देकर उपचुनाव में सपा बसपा के गठबंधन का मुकाबला करें” उक्त बयान समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता जीतेंद्र वर्मा उर्फ जीतू वर्मा ने आहूत प्रेस वार्ता में व्यक्त किए।समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता जीतेंद्र वर्मा ने नरेश अग्रवाल के भाजपा में शामिल होने के उपरांत हरदोई आगमन पर दिए गए बयानों की निंदा करते हुए कहा कि सपा को गद्दार और धोखेबाज बताने वाले नरेश अग्रवाल अपने गिरेबान में झांककर देखें, जब केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा बेइज्जत पूर्वक सभी सुरक्षा साधनों को वापस लेते हुए कहीं का नहीं छोड़ा था तो दिल्ली में नेताजी मुलायम सिंह यादव के सामने गिड़गिड़ाते हुए शरण प्राप्त की थी, यही नहीं मायावती द्वारा भी निकाले जाने पर दोबारा शरण नेताजी ने ही दी थी। वह किस हैसियत से सपा को गद्दार और धोखेबाज कहते हैं ।सपा उनके बयानों की निंदा करती है और सचेत करती है कि यदि नरेश अग्रवाल और नितिन अग्रवाल में इतनी ही हैसियत और हिम्मत है तो वे त्यागपत्र देकर उपचुनाव में गठबंधन का सामना करें, उनकी हैसियत का पता चल जाएगा। जीतेंद्र वर्मा ने चेताया कि यदि सपा के खिलाफ ओछे बयान दिए जाते रहे तो समाजवादी पार्टी हरदोई उनके पुतले क्या, अर्थी तक उठाने में परहेज नहीं करेंगे। सपा में उनकी हैसियत चौथे दर्जे की हमेशा रही, जितना सम्मान उन्हें नेताजी ने दिया, उतना सम्मान किसी को नहीं मिला।अब उनकी हैसियत भाजपा में सिर्फ और सिर्फ चपरासी की रह गई है। पत्रकारों द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि कैराना चुनाव होने के बाद पार्टी उनके खिलाफ दल बदल कानून के मद्देनजर अनुशासनिक कार्यवाही करेगी। इसलिए उन्हें अभी पार्टी से नहीं निकाला गया है। यही नहीं, करारा तंज कसते हुए जीतू वर्मा ने कहा कि जीआईसी की मीटिंग में नेताजी के सामने नितिन अग्रवाल की कसम खाते हुए नरेश अग्रवाल ने कहा था कि नितिन अग्रवाल को ताउम्र के लिए आप की सेवा करने के लिए सौंप रहा हूं। ऐसे वादाखिलाफी करने वाले नेता का क्या भरोसा।पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से राम ज्ञान गुप्ता, मुकुल सिंह, संजय कश्यप अमित सिंह “मीतू” समेत कई कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे।


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