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Sunday, 13 May 2018

सीतापुर में फिर जंगली जानवरों के हमले से बच्ची की मौत


सीतापुर। यूपी के सीतापुर में कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। मुख्यमंत्री की सख्त चेतावनी के बाद भी प्रशासन नहीं जागा। रविवार सुबह खेत में गेहूं की बाली बिनने गई एक और बच्ची को कुत्तों ने नोंचकर मार डाला। एक के बाद एक 13 बच्चों की मौत से ग्रामीण बेकाबू हो गए।

हाथों में लाठी-डंडे लिए वह जिला मुख्यालय में धरना देने के लिए रवाना हो गए। मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन और सदर विधायक ने उन्हें रोकने और समझाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी। पुलिस के मुताबिक खैराबाद थाना क्षेत्र में महेशपुर चिलवारा निवासी छंगा की दस वर्षीय पुत्री रीना खेत में गेहूं की बालियां बिनने गई थी। जहां आदमखोर कुत्तों के झुंड ने उसे मौत के घाट उतार दिया। बच्ची का शव खेत में पड़ा मिला।

शव देखते ही ग्रांव में कोहराम मच गया। प्रशासन की लापरवाही से एक के बाद एक बच्चों की मौत ने ग्रामीणों के गुस्से को सांतवे आसमान पर पहुंचा दिया। ग्रामीण जिला मुख्यालय के घेराव के लिए गांव से निकल पड़े। बताते चलें कि पिछले कुछ दिनों से इस इलाके में आदमखोर कुत्तों के हमले में 13 बच्चों की मौत हो चुकी है। मामले की जांच के लिए प्रशासन और वन विभाग की कई टीमें क्षेत्र का दौरा कर चुकी हैं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया।

बीते शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने सीतापुर का दौराकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। साथ ही उन्होंने सीतापुर जिला अस्पताल में भर्ती बच्चों से हालचाल भी पूछा था। सीतापुर से रवाना होने से पहले सीएम ने अधिकारियों को जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया था। साथ ही पीड़ित परिवार के सदस्यों को दो लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की थी।

पटना-कोटा एक्सप्रेस पटरी से उतरी, यात्रियों में दहशत
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जिला में पटरंगा रेलवे स्टेशन के निकट उस समय यात्रियों में दहशत मच गई जब पटना-कोटा एक्सप्रेस पटरी से उतर गई। सूचना पर उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में हड़कंप मच गया। इस दौरान इस रूट की सभी ट्रेने रोक ली गई, इससे रेलमार्ग बाधित हो गया। आनन-फानन में एक्सिडेंट रिलीफ ट्रेन को मौके पर रवाना किया गया। यहां रेलवे अधिकारियों ने घंटों की मशक्कत के बाद रेलमार्ग चालू करवाया। घटना से यात्रियों को घंटो इंतजार करना पड़ा। बताया जा रहा है कि बाराबंकी के पहले दरियाबाद स्टेशन के पास आंधी के कारण एक शीशम का पेड़ अचानक इंजन पर आकर गिर गया। इसके चलते इंजन के दो पहिए ट्रैक से उतर गए। फिलहाल रेलमार्ग को दुरुस्त कर दिया गया है।

पटरी पर पेड़ गिरा देख ड्राइवर ने लगाया एमरजेंसी ब्रेक
जानकारी के मुताबिक, पटना से चलकर फैजाबाद के रास्ते लखनऊ आ रही पटना-कोटा एक्सप्रेस (13237) शनिवार देर रात पटरंगा रेलवे स्टेशन के निकट पटरी से उतर गई। रेलवे अधिकारियों को जैसे ये सूचना मिली तो हड़कंप मच गया। घटना से डरे यात्री चीखने चिल्लाने लगे।बताया जा रहा है कि बाराबंकी के पहले दरियाबाद स्टेशन के पास आंधी के कारण एक शीशम का पेड़ अचानक इंजन पर आकर गिर गया। इसके चलते इंजन के दो पहिए ट्रैक से उतर गए थे। फिलहाल रेलमार्ग को दुरुस्त कर दिया गया है। घटना के दौरान सैकड़ों यात्री ट्रेन में थे। जिनमें से अधिकांश सो रहे थे। पेड़ गिरा देख ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाई, जिससे दो पहिए पटरी से उतर गए। रेलवे प्रशासन देर रात तक ट्रेनों का संचालन सुचारू करने में जुझता रहा। सुबह तक रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया। फिलहाल इस घटना में किसी के घायल या जनहानि की सूचना नहीं है।

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