जलावन की लकड़ी बेच बेटे को बनाया भोजपुर टॉपर, पूरे बिहार में मिला चौथा स्थान
आरा(डिम्पल राय)। मंगलवार को प्रकाशित होने वाले मैट्रिक के रिजल्ट को लेकर पूरे दिन शहर में गहमागहमी बनी रही। शहर से लेकर गांव तक छात्र-छात्राओं व अभिभावकों के बीच उत्सुकता देखी गई। परीक्षा में सम्मिलित हो चुके छात्र-छात्राओं में रिजल्ट जानने के लिए मंगलवार की सुबह से ही व्याकुलता दिखी। दोपहर के बाद से अधिकांश छात्र-छात्राएं साइबर कैफे में अपनी उपस्थिति दर्ज करा पहले रिजल्ट प्राप्त करने के लिए पंक्तिबद्ध खड़े थे। कई छात्रों के चेहरे रिजल्ट के देखने के बाद खिल गये तो कइयों के चेहरे मुरझा गये। वही ‘मंजुआ तऽ फर्स्ट आ गईल बिया, लेकिन पूनमवा के रिजल्टे नईखे मिलत’। साइबर कैफे में रिजल्ट देखने के बाद एक अभिभावक अपने मोबाइल से घर पर फोन कर अपनी बात कुछ इसी अंदाज में अभिव्यक्त कर रहे थे। बिहार बोर्ड मैट्रिक की परीक्षा के नतीजे सामने आने के बाद 68.89 प्रतिशत छात्र को सफलता हाथ लगी है। इस बार बिहार बोर्ड मैट्रिक की परीक्षा में करीब 17 लाख 70 हजार विद्यार्थी शामिल हुए थे। वहीं, टॉप-5 में चौथे स्थान पर भोजपुर के लाल प्रियांशु ने जगह बनाई है। किसी ने क्या खूब कहा है कि खुद ही को कर बुलंद इतना कि तकदीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है। अगर हौसला बुलंद हो तो सफलता कदम जरूर चूमेगी। इन बातों को सही साबित कर दिया है जलावन की लकड़ी बेचने वाले के बेटे ने। जलावन की लकड़ी बेचने वाले के बेटे ने मैट्रिक परीक्षा में 500 में 451 अंक लाकर पूरे बिहार में चौथा स्थान एवं पूरे भोजपुर में पहला स्थान लाकर पिता राजकुमार सिंह व माता उषा देवी के लाल ने पूरे भोजपुर का नाम रौशन किया है। जलावन की लकड़ी बेचने वाले प्रियांशु के पिता राजकुमार सिंह व माता उषा देवी जगदीशपुर नगर के वार्ड संख्या 15 दुलौर गली स्थित जगा के पीपल के पास के निवासी हैं। गणित में सबसे ज्यादा रुचि रखने वाले प्रियांशु शुरू से ही मेधावी रहे है। प्रियांशु ने पहली कक्षा से लेकर मैट्रिक तक की पढ़ाई संत जेवियर्स हाई स्कूल जगदीशपुर से की है। प्रियांशु दो भाई एवं दो बहनों में सबसे छोटे है। प्रियांशु स्वयं अध्यन की बदौलत प्रतिदिन लगभग 14 घंटे पढ़ाई करते थे। परीक्षा परिणाम के पहले प्रियांशु को भी अन्य टॉपरों की तरह बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की छह सदस्यीय जांच टीम से गुजरना पड़ा था। प्रियांशु ने बताया कि बिहार बोर्ड की टीम द्वारा उनसे हिन्दी सहित छह सवाल किए गए और बनारस के सेंट्रल हिन्दू स्कूल में दाखिले के लिए काउंसिलिंग भी कराई गई है। परीक्षा परिणाम जारी होने के साथ ही प्रियांशु के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया है। प्रशासनिक अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि व समाजसेवी से लेकर सैकड़ों लोग जमा हो गये। चौथा स्थान को पाने वाले प्रियांशु ने बताया कि वो आगे और कड़ी मेहनत कर जिलें के साथ अपने परिवार का नाम रौशन करना चाहता है, साथ ही साथ जिला टॉपर ने कहा कि अगर मन में कुछ भी ठान लिया जाए तो उसे कड़ी मेहनत से हासिल किया जा सकता है। प्रियांशु की माँ उषा देवी ने कहा कि मुझे तो अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि मेरे बेटे ने इतना बड़ा मुकाम हासिल किया है। शुरुआत से ही प्रियांशु पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ खेलकूद में भी काफी दिलचस्पी दिखाता रहा है। खुशी के मारे फुले नहीं समा रहे प्रियांशु के पिता राज कुमार सिंह अपने बेटे के सफलता से काफी पर काफी खुश दिखें, उन्हों अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि मुझे भरोसा था कि प्रियांशु अच्छा करेगा मगर मेरे बेटे ने उम्मीद से बढ़कर कामयाबी को हासिल किया है। मेरे बेटे ने लड़कों में पूरे बिहार में टॉप किया है, मैं बहुत खुश हूँ।

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