बाराबंकी। नगर के जैदपुर रोड पर पल्हरी नहर स्थित शिव मंदिर में भगवान कार्तिकेय एवं पवन सुत हनुमान की मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। दिन भर हुए भगवत् भजनों के बीच भण्डारे में सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और सायं को मंदिर परिसर स्थित कपिल मुनि आश्रम एवं ध्यान योग केन्द्र में हुए विराट कवि सम्मेलन में कवियों ने श्रोताओं की खूब ताली बटोरी।
शिव मंदिर के व्यवस्थापक हनुमान प्रसाद ‘अमीन’ एवं रामनरायन शर्मा के संयोजन में आयोजित हुए कवि सम्मेलन की अध्यक्षता उप्र राज्य संस्थागत वित्त अथोरिटी के पूर्व उपाध्यक्ष कपिल देव वर्मा ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में डा शशि कुमार अवस्थी एवं न्यायालय बाल कल्याण समिति के सदस्य व समाजसेवी रत्नेश कुमार ने सम्बोधित किया। कवि सम्मेलन का संचालन डा अम्बरीश ‘अम्बर’ ने अपनी ओज की कविताओं के साथ किया। जनपद ही नही प्रदेश में ख्याति प्राप्त कवि उमाशरन वर्मा ‘‘करूण’’ की रचना ‘‘टपके टप-टप-टप महुवारी, महकै महर महर फुलवारी, दादी अम्मा रोपे माटी की डहरिया… चलौ हो गोरी गांव चली’’….पर श्रोता भी साथ-साथ गुन-गुनाए। हास्य कवि जगन्नाथ दीक्षित ‘‘निर्दोष’’ ने गर्मी पर अपनी रचना-देखेन अइसि तपनि न तगड़ी, के हाय राम होई रही गर्मी सड़ी पर श्रोता खूब ठहाके लगाये। हास्य कवि अजय प्रधान अपनी चिर परिचित अन्दाज में श्रोताओं को खूब हंसाया। उन्होंने पढ़ा कि जरा-जरा सी बात पर क्यों तुम तुनक मिजाजी करती हो, मैं करता हूं हां जी हांजी तुम ना जी ना जी करती हो…आयो मेरी बाहों की कश्मीर की वादी में घूमों, मुझको सेना समझ के काहे पत्थर बाजी करती हो…गीतकार भगवान दास शर्मा ने मंहगाई को रेखांकित करते हुए अपना गीत- अब तौ बहुतै भई मंहगाई, कमाई चलौ हमहूं पिया…के द्वारा महिलाओं को कर्मशील बनाने की सीख दिया। कवि ओपी वर्मा ओम ने ओजपूर्ण रचना पढ़ी। गीतकार आशीष सिंह ने अच्छे दिन पर व्यंग पढ़ा- कहा कि-न ही अच्छे दिन हैं न हैं अच्छी रातें, कचहरी कमीशन दलालों के चक्कर….हास्य कवि प्रदीप महाजन की रचनाओं पर श्रोताओं ने खूब तालिया बजाई उन्होंने अपनी रचना- नयी पीढ़ी के हैं नेता नीयत में खोंट भरा, थाली में तो प्याज और रोटी भी न छोड़ेंगे।नई परिभाषा राजनीति की बनाने लगे, भाग रहे भूत की लंगोटी भी न छोड़ेंगे….के माध्यम से वर्तमान राजनीति पर व्यंग किया।
कवि सम्मेलन में प्रमुख रूप से वंशराज वर्मा, अशोक कुमार, वर्मा, डा राम सुमिरन वर्मा, जगन्नाथ तिवारी, राधेलाल वर्मा कानूनगो, जियालाल सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।
Post Top Ad
Thursday, 28 June 2018
मूर्ति स्थापना पर धार्मिक आयोजनों के मध्य कवि सम्मेलन आयोजित
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment