उरई (जालौन)। वर्ष 2025 तक देश से टीबी रोग का खात्मा करने की मंशा के साथ जनपद में चलाये जा रहे टीबी रोगी खोज अभियान में अब तक दस पाॅजीटिव मरीजों की खोज की गयी हैं। ऐसे मरीजों को उनके घर पर दवायें पहुंचाकर उन्हें टीबी रोग से छुटकारा दिलाया जायेगा। एसीएमओ डा. सुग्रीव बाबू ने यह जानकारी दी।
लखनऊ से आये एसीएमएस आॅफीसर डा. आनंद तिवारी ने डीटीसी की समीक्षा बैठक में जनपद के जिला क्षय रोग अधिकारी डा. सुग्रीव बाबू ने बताया कि जिले में टीबी रोगी खोजो अभियान में जुटी टीमों को अब तक दस पाॅजीटिव मरीजों की खोज की गयी हैं। इसी के साथ चिन्हित मरीजों के घरों तक दवायें भी पहुंचायी जा रही है ताकि उन्हें टीबी रोग से छुटकारा दिलाया जा सके। डा. तिवारी ने बताया कि उक्त अभियान की शुरूआत में पहले चरण में 6 जनपद शामिल किये गये थे। इसके बाद दूसरे चरण के अभियान में 25 व तीसरे व चैथे चरण में प्रदेश के सभी 75 जनपदों को शामिल किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान की टीमें हर घर तक पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि जनपद में 69 टीमें टीबी रोगियों की खोज करने में जुटी हुयी है और हर टीम में आशा बहू, आंगनबाड़ी, एएनएम व एक एनजीओ सहित तीन सदस्य शामिल हैं। टीबी रोगियों की पहचान करने में जुटी टीमों की मानीटरिंग के लिये एक सुपर वाइजर के साथ ही प्रत्येक ब्लाक में चिकित्सा अधिकारी को नोडल चिकित्सा अधिकारी बनाया गया है ताकि अभियान को सफलता के मुकाम तक पहुंचाया जा सके। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. सुग्रीव बाबू ने बताया कि दस दिनों तक चलने वाला अभियान तीन महीने के बाद पुनः पांचवें चरण में चलाया जायेगा। बैठक में जिला कार्यक्रम समन्वयक नूरुल हुदा, कोआर्डिनेटर आलोक मिश्रा सहित कई स्वास्थ्य कर्मी भी उपस्थित रहे।
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Sunday, 24 June 2018
अब हर टीबी रोगी के घर तक पहुंचायी जायेगी दवाःडा. आनंद
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