
पिहानी।हरदोई 30अगस्त।पिहानी कस्बे में इन दिनों खाद्य तेल के नाम पर बिकने वाला कड़ुवा लोगो के स्वास्थ्य में कडुवाहट पैदा कर रहा है जिम्मेदार इस बात से अनजान बने हुए है।सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक,पिहानी कस्बे में इन दिनों कई लोग कड़वे तेल का व्यापार कर रहे हैं। जिनके यहां कड़ुवे तेल के गोदामों में स्टाक भरे पीपों में केमिकल युक्त अशुद्ध कड़वे तेल के टीपे परचून दुकानदारों को शुद्ध कड़वे तेल की कीमत से काफी सस्ते दामों में उधार नगद विक्रय किए जाते हैं।स्टाकिस्ट अपनी गोदामों की भरपाई और निकासी रात 11 बजे से भोर 3 बजे के बीच पिकअप डाले से तेल भरे पीपे लोड कराकर करते हैं।यह कड़ुवा तेल तकरीबन पिहानी कस्बे से लेकर समूचे क्षेत्र की छोटी-बड़ी परचून की दुकानों पर धड़ल्ले से बेंचा जा रहा है।बहुत दमदार किस्म के दुकानदार हैं जो कि असली और नकली दोनों किस्म का तेल रखकर असली को नकली बताकर अपने ग्राहकों को गुमराह करके ऊंचे दामों में नकली तेल खाने के लिए जानबूझकर दे देते हैं।यह अशुद्ध और जहरीला तेल थोक रेटों में शुद्ध और गुणकारी कडुवे तेल के मुकाबले काफी सस्ता मिलता है।स्टाकिस्ट व्यापारी फुटकर दुकानदारों को 50 से 75 रुपए किलो के हिसाब से इस तेल का पीपा विक्रय करते हैं और इसकी बिक्री घर परिवार के लोगों को 90 से 100 के बीच की जा रही है।यह तेल खाने में कोई स्वाद नहीं देता बल्कि इस तेल में एक अजीब सी लिबलिबी चिपचिपाहट होती है और अधिक वर्षा व अधिक ठंडक के मौसम में यह तेल डालडे की भांति जम जाता है।इसके अलावा इस तेल को खाने में इस्तेमाल करने पर तरह-तरह की बीमारी जैसे कब्ज, एसिडिटी,ब्लड प्रेशर,अनिद्रा, बेचैनी,घबराहट,अपच,और खारिश-खुजली पैदा हो जाती है।त्वचा रुखी व शरीर बेजान होने लगती है।शारीरिक यूनिटी पॉवर समाप्त होकर शरीर को रोगी व आलसी बना देता है।बीमारियों को खुली दावत दे रहा है। क्या क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी इस तरह बाजारों में बिक रहे तरल पदार्थ के रूप में जहरीले घटक कड़वे तेल की जानकारी नहीं रखते?आखिर जिम्मेदार इस ओर ध्यान क्यों नहीं देते हैं?

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