
मुख्यमंत्री, बाबा साहब भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित ’कृषि से जुड़े क्षेत्रों में मनरेगा के उपयोग’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेती के ज्यादातर क्षेत्रों में मनरेगा के इस्तेमाल पर विचार कर रही है। इसके लिए किसानों से लेकर इस क्षेत्र में सक्रिय हर वर्ग से विचार करके फैसला लिया जाएगा ताकि मनरेगा को जोड़कर खेती को बेहतर और उपयोगी बनाया जा सके जिससे किसानों की आय दोगुनी होगी।
योगी ने कहा, “खेती से पहले, खेती के दौरान और खेती के बाद की परिस्थितियों में मनरेगा का इस्तेमाल कैसे हो, इसके लिए नीति आयोग के अनुरोध पर प्रदेश में चार स्थानों पर इस तरह की कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है।“
उन्होंने कहा कि यह पहली कार्यशाला है। मेरठ, झांसी और गोरखपुर में ऐसी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यशालाओं में किसानों से सीधा संवाद कर खेती में मनरेगा के उपयोग के रास्ते को तलाशा जाएगा। इस पहली कार्याशाला में लखनऊ, फैजाबाद, कानपुर, इलाहाबाद, देवीपाटन मंडल के जिलों के किसानों को बुलाया गया है।
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Thursday, 9 August 2018
खेती क्षेत्र में भी मनरेगा के इस्तेमाल पर हो रहा है विचार : योगी
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