वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिला में शनिवार की सुबह जैसे ही चहचहाती पक्षियों के कलरव ने भोर होने का जैसे ही अहसास कराया भरतीय सेना के आर 223 बैच के सजग 132 जवानों की नई टोली को दण्ड पाल अधिकारी मेजर विजय सिंह धनक ने पवित्र गीता के मूल मंत्र कर्म के साथ देश की रक्षा और भारतीय संविधान के अनुरूप कार्य करने की शपथ दिलाई। यहां 39 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र का परेड मैदान में 42 सप्ताह के कठिन परिश्रम के बाद सफल रंगरूटों ने शानदार परेड से लोगो का मन मोहित किया। परेड की पहली सलामी ट्रेनिग बटालियन कमान्डेट कर्नल नीरज, दूसरी सलामी डिप्टी कमान्डेटं कर्नल रघुनाथन नायर तथा मुख्य अतिथि के रूप में ब्रिगेडियर हुकुम सिंह बैंसला (सेना मेडल) ने मंच से परेड की सलामी लेते हुए निरीक्षण भी किया।
अपने सम्बोधन मे उन्होंने कहा गौरवशाली भारतीय सेना में शामिल होने के लिए आपको बधाई।कर्म के पथ पर चलते हुए कुछ ऐसा करने की चाह रखना जो सदैव आपकी याद दिलाए। एक सैनिक के रूप में आपको अपने लक्ष्य पर ध्यान देते हुए अनुशासन, शारिरीक क्षमता के साथ साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना है। इससे पूर्व जवानों को उनके परम्परागत हथियार खुखरी भेट की गई।
कठिन प्रशिक्षण के दौरान सराहनीय कार्य के लिए राइफल मैंन राम श्रेष्ठ को बेस्ट इन टैक्टिस, होम नाथ रिजाल को बेस्ट इन बीपीईटी, आशीष कार्की को बेस्ट इन फायरिग,सौजन भल्ला को बेस्ट इन ड्रिल,सुक बहादुर राना को बेनेट फाइटिंग,छेम बहादुर पाईजा को लेफ्टिनेंट कपाड़िया ट्राफी, सुमन थापा को जनरल ए के लहरी मेडल,तथा सुमन थापा को ही ऑल राउंडर बेस्ट गौरव तलवार दे कर मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत दे कर सम्मानित किया गया।
कमान्डेंट, नवागत डिप्टी कमाडेंट बृजेश सिंह सावयान,कर्नल शेखर, कर्नल पीपी जौहरी,कर्नल एस एस रंगड़,कर्नल आर एस ठाकुर सहित अन्य सैन्य अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्त्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्त्रम का संचालन सूबेदार रवि कुमार मिश्र तथा दुर्गा मल्ल ने किया।इस अवसर पर देश सेवा में अपने सपूतो को समर्पित करने वाले नेपाल व भारत के 132 अभिभावकों को गौरव पदक दे कर सम्मानित भी किया गया।


No comments:
Post a Comment