सहमति से बने संबंध को दुराचार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता: कोर्ट | Alienture हिन्दी

Breaking

Post Top Ad

X

Post Top Ad

Recommended Post Slide Out For Blogger

Saturday, 1 September 2018

सहमति से बने संबंध को दुराचार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता: कोर्ट


सहारनपुर। ‘प्रेम प्रसंग में सहमति से बने संबंध को दुराचार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने कहा बालिग और पढ़ी लिखी युवती अपने भले-बुरे के बारे में भली-भांति जानती है। शादी से पहले बने शारीरिक संबंधों का युवती ने विरोध नहीं किया, जिससे जाहिर है कि संबंध युवती की सहमति से बने।’ इस टिप्पणी के साथ स्पेशल कोर्ट (क्राइम अंगेस्ट वूमन एंड चिल्ड्रन) की जज पूनम सुनेजा ने यमुनानगर के विष्णु गार्डन निवासी दिनेश कुमार को बरी कर दिया गया। बचाव पक्ष के वकील एमआर अनेजा का कहना है कि कोर्ट का यह फैसला बाकी लोगों के लिए नजीर साबित होगा। मामले में 11 लोगों की गवाही हुई।

सहारनपुर निवासी एक युवती यमुनानगर में नौकरी करती थी। उसका दिनेश के साथ वर्ष 2013 से प्रेम प्रसंग चल रहा था। परिजनों की सहमति से दोनों की 17 अप्रैल 2016 को सगाई हो गई और 8 नवंबर 2016 शादी भी तय की गई। शादी के लिए युवक के परिजनों ने हॉल भी बुक करा लिया।

इसी बीच एक दिन दिनेश ने युवती के मोबाइल में दूसरे लड़कों के साथ आपत्तिजनक फोटो देखने के बाद शादी से इन्कार कर दिया। इस पर युवती ने दिनेश पर शादी का दबाव भी बनाया। जब वह नहीं माना तो युवती ने 22 अक्टूबर, 2016 को महिला थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज करा दिया।

युवती ने पुलिस और कोर्ट में जो बयान दिए उन्हें वह जिरह के दौरान साबित नहीं कर पाई। युवती के मुताबिक 20 मार्च, 2016 को दिनेश ने रुड़की में उसके साथ गलत काम किया, जबकि इस घटना के करीब एक महीने बाद दोनों की सगाई हुई थी। वहीं युवती ने किसी से भी स्वयं से हुए दुराचार के बारे में चर्चा भी नहीं की। युवती वारदात की सही तारीख और समय भी बता नहीं पाई। कोर्ट ने माना कि आरोपित की मंशा युवती से शादी करने की थी, इसीलिए उसने सगाई और शादी की तारीख तय की थी।

सिविल अस्पताल में मेडिकल से पूर्व युवती ने लेडी डॉक्टर को बताया कि उसके युवक के साथ अगस्त 2013 से शारीरिक संबंध में हैं। 20 मार्च 2016 को युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जांच के बाद लेडी डॉक्टर ने अपने बयान में कहा कि युवती के साथ यौन हमले की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad