नई दिल्ली। विजय हजारे ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल मैच में मुंबई और हैदराबाद की टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। पृथ्वी शॉ ने जिस तरह से बल्लेबाजी की उससे सबका मनोरंजन हुआ। आठवें ओवर की है पृथ्वी शॉ हैदराबाद के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का सामना कर रहे थे। दोनों ही युवा खिलाड़ी अपने फन में माहिर हैं। लेकिन यहां ये दोनों ही एक-दूसरे पर भारी पड़ने की हर संभव कोशिश कर रहे थे।
इस चीज में पृथ्वी ने सिराज की एक गेंद पर अपर कट लगाने की कोशिश की लेकिन गेंद और बल्ले के बीच कोई कनेक्शन नहीं हुआ। इसके बाद अगली गेंद पर पृथ्वी के हाथ से बल्ला छूट गया और वह अपने कंधे को पकड़ते नजर आए। तीसरी गेंद वह फिर से नहीं खेल पाए। इस तरह से सिराज पृथ्वी पर भारी पड़ते नजर आ रहे थे लेकिन अभी तो पिक्चर बाकी थी।
इतना बीट होने के बावजूद पृथ्वी मुस्कुरा रहे थे। इस बात से सिराज बिल्कुल भी खुश नहीं हुए। उसका एक कारण यह भी था कि उनकी गेंद पर पृथ्वी के पहले ही दो कैच छूट चुके थे और यह मुस्कान उन्हें कतई नहीं भायी। मुंबई टीम ने अभी 50 रन ही बनाए थे जिसमें से पृथ्वी ने अकेले 37 रन बनाए। ऐसे में सिराज अपनी पूरी ताकत के साथ पृथ्वी को निशाना बना रहे थे लेकिन पृथ्वी के इरादे ही कुछ और थे।
सिराज ने चौथी गेंद शॉर्ट फेंकी और शॉ ने अपर कट खेला। इस बार गेंद बल्ले के बीचों-बीच आई और उड़ते हुए थर्ड मैन बाउंड्री लाइन के बाहर छह रनों के लिए चली गई। सिराज इसके बावजूद अपनी लाइन पर ही बने रहे और फिर से शॉर्ट गेंद फेंकी, पृथ्वी इसी तरह की गेंद के इंतज़ार में थे और इस बार उन्होंने गेंद को फाइन लेग की दिशा में उछाल दिया, एक और छक्के के लिए।
पृथ्वी के इस अंदाज से सिराज पूरी तरह से परेशान नजर आए और एक हाफ वॉली डाल दी जिस पर पृथ्वी ने चौका जमा दिया और इस तरह से मैदानी तूफान खत्म हो गया लेकिन इस बार जंग में पृथ्वी विजेता रहे। पृथ्वी आखिरकार 44 गेंदों में 61 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 8 चौके और 2 छक्के लगाए। वहीं मोहम्मद सिराज ने सिर्फ 3 ओवर फेंके और उन्होंने 33 रन दे डाले। खबरें हैं कि पृथ्वी का वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में सेलेक्शन हो सकते हैं। वैसे इस बारे में कोई पुष्टि सामने नहीं आई है इसलिए इस बारे में पक्के के तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता।

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