लखनऊ। राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर के विराम खंड 5/591 में बुधवार रात पुलिस के खौफ से ठाकुरगंज में सगे भाइयों की हत्या के आरोपित शिवम ने खुद को गोली मार ली। इससे आरोपी की मौके पर ही उसकी मौत हो गई। एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्र की टीम एंटी डकैती सेल के साथ आरोपित को पकड़ने के लिए दबिश देने गई थी। पुलिस टीम सादे वर्दी में थी। आरोपित ने खुद को घिरता देख अवैध तमंचे से गोली मार ली। शिवम के दूसरे साथी चीना को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपित शिवम के खिलाफ ठाकुरगंज में हत्या, मारपीट, धमकी, आर्म्स एक्ट समेत पांच मुकदमे दर्ज हैं। जबकि चौक में एक अमानत में खयानत का मामला दर्ज है। वहीं, चीना के खिलाफ ठाकुरगंज में हत्या के दो मुकदमे दर्ज हैं। शिवम ने पहचान छिपाने के लिए अपने हेयर स्टाइल बदल दी थी और पुलिस को चकमा देता रहा ताकि उसकी पहचान न हो सके।
एसएसपी के मुताबिक, सगे भाई इमरान और अरमान की हत्या में वांछित 15 हजार के इनामी की तलाश के दौरान आरोपित की लोकेशन विराम खंड पांच में मिली। इसके बाद सीओ हजरतगंज साइबर सेल की टीम और एंटी डकैती सेल ने विराम खंड के एक मकान को घेरा। दो मंजिला मकान में नीचे बिहार निवासी विक्की परिवार समेत बीते 10 वर्षो से रहते हैं। पुलिस टीम ने विक्की के दरवाजे पर दस्तक देकर फाटक खोलने को कहा। एसएसपी का दावा है कि इसी बीच प्रथम तल से शिवम ने पुलिस को देख लिया और भागकर भीतर कमरे में दाखिल हो गया। पुलिस ने विक्की की पत्नी से पूछताछ की तो उन्होंने ऊपर की तरफ इशारा किया। पुलिस टीम अभी पहले तल पर पहुंचती अचानक कमरे से गोली चलने की आवाज आई। तभी कमरे से शोर मचाता हुआ चीना बाहर की तरफ भागा। चीना ने बताया कि शिवम ने खुद को गोली मार ली है। पुलिस ने चीना को दबोच लिया और कमरे में गई जहां शिवम लहूलुहान पड़ा था। पास में तमंचा पड़ा हुआ था।
सगे भाइयों की पीटने के बाद की थी हत्या
पुलिस के खौफ से खुद को गोली मारने वाले शिवम ने चीना के साथ मिलकर ठाकुरगंज के मल्लाही टोला में तीन अक्टूबर की रात मिश्री टोला निवासी इमरान गाजी (20) और उसके भाई अरमान गाजी (18) की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। दोनों भाई साथी निशांत के साथ चाय मल्लाही टोला से चाय पीकर कार से लौट रहे थे। पुलिस के मुताबिक इस बीच शिवम, चीना और रेहान अपने साथियों के साथ पहुंचे थे और उन्होंने इमरान पर हमला बोल दिया। हमले के दौरान निशांत ने विरोध किया तो उस पर तमंचा तान दिया। जिसके बाद निशांत भाग खड़ा हुआ। वहीं, अरमान ने इमरान को बचाने की कोशिश की तो शिवम, चीना समेत अन्य हमलावरों ने उसे भी लाठी-डंडों और सरिया से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। इसके बाद दोनों को गोली मार कर भाग निकले थे। दोनों की मौत हो गई थी। पुलिस ने मामलें रेहान उर्फ छोटू को घटना के दूसरे दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हत्या के आक्रोशित परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम के बाद जमकर हंगामा बवाल किया था।
पुलिस पर उठ रहे सवाल भी, महकमे में सनसनी
हत्यारोपित शिवम की आत्महत्या के मामले में राजधानी पुलिस पर कई सवाल भी उठने लगे हैं। पुलिस जिसे आत्महत्या मान रही है, उसका चश्मदीद कोई पुलिसकर्मी नहीं है। घटना के वक्त कमरे में दूसरा हत्यारोपित चीना मौजूद था। यही नहीं सूत्रों का कहना है कि शिवम को कनपटी से काफी ऊपर गोली लगी थी। वहीं पुलिस ने वारदात के करीब तीन घंटे बाद मीडियाकर्मियों को भीतर जाने की अनुमति दी। पूछताछ में चीना ने बताया है कि उसका दोस्त भानू वहां डेढ़ वर्ष से रह रहा था। सगे भाइयों की हत्या के बाद वह शिवम के साथ भागता रहा और भानू के कमरे पर पहुंच गया। भानू ने विक्की से दोनों को अपना दोस्त बताकर वहां रहने के लिए अनुमति मांगी थी। मकान राम सिंह नाम के व्यक्ति का है, जिनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस भानू की तलाश कर रही है।

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