कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर की आर्डिनेंस फैक्ट्री में बॉयलर फटने तीन लोगों की मौत हो गई। साथ ही इस घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर है। यह हादसा नाइट्रोजन सिलेंडर व बॉयलर फटने से हुआ। अति संवेदनशील फैक्ट्री एरिया में धमाके से अफरा-तफरी मच गई। वहीं कई घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इससे मतृकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, अर्मापुर स्थित आयुध निर्माणी फैक्ट्री (ओएफसी) में मंगलवार की दोपहर अचानक तेज धमाका हो गया। इसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई और करीब छह कर्मी गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। घटना के बाद आनन फानन घायल कर्मचारियों को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया गया है। फैक्ट्री के अफसरों ने घटना की जांच शुरू करा दी है।
कानपुर में सेना के लिए आयुध का निर्माण करने वाली ऑर्डेनेंस फैक्ट्री अर्मापुर में है। यहां पर बनने वाले आयुध की टेस्टिंग का कार्य भी होता है। मंगलवार की दोहपर करीब साढ़े तीन ओएफसी के अंदर टेस्टिंग विंग में तेज धमाका हुआ। इससे अंदर अफरा तफरी मच गई। ओएफसी के सूत्रों ने बताया कि अंदर एलएफजी गन की टेस्टिंग चल रही थी। इस दौरान गन में लोड नाइट्रोजन सिलेंडर फट गया, जिसकी चपेट में आकर टेस्टिंग कर रहे कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने से पहले जूनियर वक्र्स मैनेजर बृजेंद्र की मौत हो गई, जबकि करीब छह कर्मियों को अस्पताल भिजवाया गया।
तेज धमाके व घटना की जानकारी होते ही आयुध निर्माणी फैक्ट्री में अफरा तफरी मच गई। अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंच गए और तत्काल बचाव कार्य शुरू कराया। अन्य विभागों के कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य में मदद की। घायलों को एंबुलेंस से तुरंत शहर के नामचीन अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है। अफसरों ने घटना के कारणों की जांच शुरू करा दी है। बाहरी लोगों और पुलिस को फैक्ट्री के अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
बता दें कि आयुध निर्माण फैक्ट्री में हुए हादसे में जबलपुर के असिस्टेंट इंजीनियर एमएस राजपूत समेत तीन के मरने की सूचना है। वहीं, 7 लोग घायल हुए हैं जिनमें क्रमशः असिस्टेंट इंजीनियर प्रताप सिंह, पंकज श्रीवास्तव, संदीप केलकर के साथ रामचंद्र गुप्ता, करुणा शंकर, एग्जामिनर एमपी महतो, आदि शामिल हैं। आपको बता दें कि इसी फैक्ट्री में धनुष टैंक बनाये जाते हैं।

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