हरदोई। अभी तो महीने पहले संतकबीरनगर के जिला अधिकारी कार्यालय में जिला योजना की बैठक सांसद-विधायक की करतूत से शर्मसार हो गई थी। ये घटना सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से वायरल हुई। इस घटना को अभी लोग सही से भूल भी नहीं पाए थे कि हरदोई जिला में फिर इसकी पुनरावृत्ति हो गई। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने इस घटना पर पर्दा डालते हुए कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। बैठक के दौरान आपसी कहासुनी हो गई थी। हालांकि इसको सुलझा लिया गया। परन्तु वीडियो में दिख रही तस्वीरें जुटाकाण्ड की घटना को खुद बयां कर रही है।
बीएसए की मौजूदगी में जमकर चले जूते
दरअसल हरदोई जिला में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय शुक्रवार को अखाड़े में तब्दील हो गया। यहां दो खंड शिक्षा अधिकारियों के बीच ना सिर्फ जमकर मारपीट हुई बल्कि दोनों ने एक दूसरे को जूते से पीट दिया। खंड शिक्षा अधिकारियों की अराजकता अधिकारियों के सामने ही होने लगी। बताया जा रहा है कि बीएसए कार्यालय में डीआई राकेश पांडेय की पिटाई हुई है। उन्हें जूते से पीटा गया है। वहीं पिटाई करने वाला खंड शिक्षा अधिकारी मल्लावां सुशील कन्नौजिया बताया जा रहा है। हालांकि ये घटना बीएसए की मौजूदगी हुई है। इस घटना से शिक्षा विभाग शरसर हो गया है।
भाजपा सांसद ने जूते से की थी भाजपा विधायक की पिटाई
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के संतकबीर नगर में जिला योजना बैठक का सदन सांसद-विधायक की करतूत से शर्मसार हो गया। बैठक में प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन के सामने भाजपा सांसद शरद त्रिपाठी ने भाजपा विधायक राकेश सिंह बघेल को जूतों से पीट डाला था। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्रनाथ पाण्डेय ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सांसद-विधायक को लखनऊ तलब किया था। केंद्रीय नेतृत्व ने भी पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी थी। सांसद एक सड़क की शिलान्यास शिला पर अपना नाम न होने से भड़के थे।

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