सुबाष यादव और राधा चरण सेठ मीसा के पक्ष में तो सोन तलहटी के कई राम कृपाल के पक्ष में खड़ा
>> डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने लालू प्रसाद और बालू माफिया के गहरे संबंध का लगाया था आरोप
>> वर्तमान सरकार ने सोन नदी में पुल बनाने की अनुमति दें ,बालू माफियाओं से रिश्ता किया मजबूत
रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । बिहार की राजनीति और पार्टियों में बालू कारोबारियों /बालू माफियाओं की दखल ( इंट्री) नहीं हो, ऐसा मुमकिन नहीं हैं ।तभी तो पाटलीपुत्रा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहें सांसद रामकृपाल यादव एवं डा मीसा भारती के जीत सुनिश्चित करने के लिए बालू कारोबारियों / बालू माफियाओं का चौपाल लग रहा हैं । इस चुनाव में बालू सिंडीकेट दो भागों में बंट गयी हैं ।जिसपर पहले सिर्फ राजद का कब्जा था।
झारखंड के चतरा से राजद के टिकट पर लोकसभा के चुनाव लड़े सुबाष यादव ,पाटलीपुत्रा से राजद की प्रत्याशी ,सांसद डा. मीसा भारती के पक्ष में चुनाव प्रचार -प्रसार कर रहें हैं । सुबाष यादव बीते बुधवार /गुरूवार को मनेर में कार्यक्रम कर सवर्ण जाति के सैकड़ों लोगों को राजद में जोड़ने का काम किया हैं । बालू कारोबार से जुड़े भूमिहार जाति के अधिकांश लोग, सुबाष यादव से जुड़े हैं । सुबाष यादव के अपील पर, भूमिहार जाति के सैकड़ों युवक ,राजद के पक्ष में खड़ा हो गये हैं और तन, मन, धन से राजद प्रत्याशी मीसा भारती के लिए जुट गये हैं । सुत्रों के अनुसार शुक्रवार को सुबाष यादव ,पालीगंज के जलपुरा में भूमिहारों के साथ मीटिंग कर वोट देने का अपील किये हैं और लोगों से कहां की हमारा संबंध आप लोगों से रहा हैं और आगे भी रहेगा ,आप सभी हमको मजबूत करने के लिए राजद को वोट दें । इसके बाद भूमिहार युवाओं ( बालू कारोबार से जुड़े ) लोगों को वोट राजद के पक्ष में जाता दिख रहा हैं । इधर राधा चरण सेठ और इनकी टीम भी वैश्य जाति के वोटों में सेंध लगाने के लिए लगातार प्रचार -प्रसार कर रही हैं ।
सोन तलहटी के बालू माफिया राम कृपाल के पक्ष में
सोन नदी में बिना अनुमति के पुल निर्माण कराने को लेकर ग्रामीणों ने एनजीटी, दिल्ली में शिकायत दर्ज कराया था। निरीक्षण बाद कटारी-निसरपुरा, जनपारा, बेरर के करीब आधा दर्जन बालू घाट करीब दो माह के लिए बंद कर दिया गया था। इसके बाद कई बालू कारोबारी / बालू माफियाओं पर गहरा असर पड़ा था। सोन तटवर्तीय इलाके के बालू कारोबार से जुड़े दर्जनों बाहुबली, केन्द्रीय मंत्री सह सांसद राम कृपाल यादव से मिलकर बालू खनन के लिए सोन नदी में बनें पुल को वैध स्वीकृति दिलाने की मांग किये थे। सांसद ने जिला प्रशासन ,खनन विभाग ,डिप्टी सीएम से बात कर सोन नदी में बनें वैकल्पिक पुल की स्वीकृति ( एनओसी) दिलवाने का प्रयास किया और अंततः सफलता भी मिली । जल संसाधन विभाग ने सोन नदी में बनें पुल के पक्ष में एनओसी दे दिया । इसके बाद सैकड़ों लोग राम कृपाल यादव का गुणगान गा रहें हैं और इस एहसान के बदले एक मत हो भाजपा को वोट देने का निर्णय लिये हैं ।इसमें यादव जाति के लोग भी शामिल हैं ।इस तरह बालू कारोबारी /माफिया ,रामकृपाल यादव के पक्ष में खड़ा हो गये हैं ,जिसपर आजतक राजद का कब्जा रहा था।
सुशील कुमार मोदी का आरोप और वर्तमान सरकार से बालू माफिया के रिश्ते मजबूत

भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ,यह अक्सर आरोप लगाते रहें हैं की राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का बालू माफियाओं से संबंध हैं और राजद पार्टी का फंडिंग टीम हैं । लेकिन देखा जाएं तो यह पाएंगे की वर्तमान सरकार की भी बालू माफियाओं से रिश्ते मजबूत हुये हैं । पहले बालू का टेंडर प्रतिवर्ष होता था। नीतीश -सुशील मोदी की सरकार में ही पांच वर्षों के लिए बालू खनन करने का ठेका ब्रॉडसन कंपनी को दिया गया । इस ब्रॉडसन कंपनी में शेयरदार सुबाष यादव भी है।
नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की गठबंधन की सरकार जब बनी तो पुनः एक बार राज्य में अवैध बालू खनन का आरोप लगा। करीब डेढ़ वर्षों तक बालू खनन बंद रहा और अवैध खनन को लेकर ब्रॉडसन एवं बालू माफियाओं पर हजारों केस दर्ज कर लिया गया ।करोड़ों के बालू स्टॉक पर सरकार ने कब्जा कर लिया और नीलामी कर बालू की आपूर्ति किया । ब्रॉजसन के जगह दूसरे को टेंडर दे दिया गया ।
नीतीश सरकार ने करवट बदली और पुनः नीतीश -सुशील ,जदयू-बीजेपी की सरकार बन गयी । जो ब्रॉडसन दागदार थीं , राजद की फंडिंग टीम थी ,उसी ब्रॉडसन कंपनी को सरकार ने पुनः बालू खनन की अनुमति दे दिया । पुलिस -प्रशासन की कार्रवाई को ब्रेक लगा दिया गया । इस तरह वर्तमान जदयू-भाजपा की सरकार के रिश्ते बालू माफियाओं से मजबूत हो गये । यह कहना गलत नहीं होगा की बिहार में सरकार चाहें किसी की हो ,वर्चस्व बालू माफियाओं का ही कायम रहेगा ।

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