इसरो ने बताया कि चंद्रयान-2 मिशन पर तय योजना के अनुसार काम चल रहा है और उड़ान मॉडल विभिन्न जांचों से गुजर रहे हैं साथ ही जल्द ही इसे लॉन्च किया जाएगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने अंतरिक्ष में सेंचुरी लगाते हुए श्रीहरिकोटा से 100वां सैटेलाइट लॉन्च किया है इसरो ने एक साथ 31 सैटेलाइट अंतरिक्ष में लॉन्च किए भारत के इस कदम की पूरे विश्व में सराहना हो रही है अब इसरो कुछ ही दिनों में एक और ऐसा कारनामा करने जा रहा है इसरो के इतिहास में अहम जगह हासिल करेगा।
चंद्रमा के लिए देश के दूसरे मिशन चंद्रयान 2 में इसरो इस प्राकृतिक उपग्रह की सतह के अन्वेषण की योजना बना रहा है।
इसरो प्रमुख ए एस किरन कुमार ने बताया कि यह तय कार्यक्रम के अनुसार चल रहा है हमें देखना होगा कि यह मार्च में रवाना होगा या नहीं।
पीएसएलवी सी40 द्वारा कार्टोसैट 2 सीरीज के मौसम पूर्वानुमान सहित 31 उपग्रहों को सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने के बाद कुमार ने कहा कि चंद्रयान 2 उपग्रह इसरो उपग्रह केन्द्र में तैयार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि उड़ान मॉडल विभिन्न जांचों से गुजर रहे हैं इस मिशन में एक आर्बिटर लैंडर और उतरने वाले स्थल के पास घूमने वाला छह पहियों वाला रोवर शामिल होगा और इसमें शामिल उपकरण डेटा वापस भेजेंगे जो चंद्रमा की सतह के विश्लेषण में फायदेमंद होगा।
चंद्रमा की कक्षा में पहुंचने के बाद रोवर वाला लैंडर आर्बिटर से अलग हो जाएगा और सतह पर उतरने के बाद लैंडर रोवर को तैनात कर देगा।
तमिलनाडु के महेंद्रगिरि में इसरो लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर के निदेशक एस सोमनाथ ने कहा कि केन्द्र में भी चंद्रयान दो से संबंधित जांच चल रही है।
उन्होंने कहा कि हम रोवर की आराम से सतह पर उतारने की क्षमता को लेकर जांच कर रहे हैं मानव अंतरिक्ष मिशन की इसरो की संभावना से जुड़े सवाल पर कुमार ने कहा कि इस तरह के मिशन को पूरा करने की संभावना हमेशा रहती है लेकिन सरकार को संसाधन देकर फैसला करना होगा।


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