हापुड। सभी मात पिता यह सोचते हैं कि उनका बच्चा अच्छे स्कूल में जाए। और अच्छा माहौल उसको स्कूल के अंदर मिले और बच्चा सुरक्षित रहे । लेकिन हापुड़ का दिल्ली पब्लिक स्कूल बच्चों की जान से खेल रहा है । नियम कानून को ताक पर रखकर स्कूल बनाया गया है । स्कूल से पहले ही यहां एक मेरिनो लिमिटेड कंपनी चल रही है। जिससे अनेकों कैमिकल निकलते हैं। उसके बावजूद भी यहां स्कूल की परमिशन हापुड़ पिलखुआ विकास प्राधिकरण ने कैसे दे दी।
हापुड़ का दिल्ली पब्लिक स्कूल सरकार एवं जिला प्रशासन के बने नियम कानून को कोई तवज्जो नहीं देता। उसके लिए सभी सरकारी आदेश बेमानी साबित हो रहेे हैं। हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण की आवासीय योजना प्रीत विहार में स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के संचालन से पूर्व में मेरिनों नाम लिमिटेड कम्पनी चल रही थी उसके बराबर में स्कूल को प्राधिकरण ने कैसे आवंटन कर दी। हजारों मीटर भूमि तथा कैसे विभागों ने उक्त स्कूल को दे दी एनओसी जिस बात को लेकर जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गम्भीर सवाल उठ रहे हैं।
खतरे से अंजान हैं लोग
जानकारों की मानें तो मेरिनों कम्पनी की जो दीवार दिल्ली पब्लिक स्कूल से लगी हैं वहां कम्पनी के दो बॉयलर चलते हैं और र्टवाईन हैं। जिससे कम्पनी अपने लिए बिजली तैयार करती हैं। दिल्ली पब्लिक स्कूल में हजारों बच्चें शिक्षा ले रहे हैं । वही शिक्षक सहित स्कूल कर्मचारी जान जोखिम में डालकर कार्य कर रहें हैं। वे सब आये दिन बॉयलरों से होने वाले भीषण हादसे से अनजान हैं ।
अगर ईश्वर ना करे यहां कोई हादसा हो गया तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।
अधिकारियों ने दिया गोल मोल जवाब
जब हमने इस बारे में स्कूल प्रशासन से बात करनी चाई तो कैमरे के सामने तो बोलने से मना कर दिया। बस स्कूल प्रशासन का कहना था कि जब हमारा स्कूल चलता है। तो कंपनी में काम नही होता। वही जब प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गया प्रसाद से जानकारी की तो उन्होनें भी कैमरे पर कुछ भी बोलने से मना कर दियार और कह दिया की मुझे मीडिया से डर लगता है। वहीं जब इस बारे में जिलाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने जांच का आश्वासन दिया।


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