
–[रविनेश गुप्ता] मिर्जापुर(शाहजहांपुर)। रामगंगा के तटबर्ती ग्राम कीलापुर और कुंडरिया गांवों को आने वाले बरसात के मौसम मे बाढ से बचाने के लिए २३ करोड की परियोजना को शासन से मंजूरी मिल गयी है। जबकि ग्राम हरिहरपुर,कुनियां,परौर तथा मई खुर्द कलां को रामगंगा के कहर से बचाने के लिए ३० करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
शुक्रवार को सिंचाई विभाग शारदा नहर खंड के अधिशाशी अभियंता आरके वर्मा ने सहायक अभियंता अनूप कुमार तथा अवर अभियंता राजेश कुमार के साथ रामगंगा की बाढ से प्रभावित ग्राम कुनियां शहनजीरपुर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिशाशी अभियंता ने बताया कि रामगंगा के तटबर्ती ग्राम कीलापुर को १२ करोड़ तथा ग्राम कुंडरिया को ११ करोड़ की लागत से बाढ से सुरक्षित करने की परियोजना को शासन स्त्तर से मंजूरी मिल गयी है।
जबकि रामगंगा के ही तटबर्ती ग्राम हरिहरपुर और कुनियां के बचाव को ११ करोड़,ग्राम परौर को ११ करोड़ तथा मई खुर्द कलां को ८ करोड़ की लागत से बचाने की परियोजनाओं को मुख्य अभियंता की समिति से पास होकर तकनीकी सलाहकार समिति(टीएसी) को भेजा गया है।
बोलेरू टीएसी से परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति को भेजा जायेगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति की मंजूरी मिलते ही स्टीमेट के अनुसार बजट आबंटित हो जायेगा। जिससे बाढ बचाव के लिए स्थाई ठोकरों का निर्माण करवाया जायेगा। रामगंगा के ही तटबर्ती ग्राम पहरूआ और मौजमपुर भी बाढ बचाव के एजेंडे मे है। जिले मे बाढ से बचाव की लगभग ४० करोड़ की परियोजनायें मुख्य अभियंता समिति की स्वीकृति के बाद टीएसी को भेजी जा चुकी हैं।
—पिछले बर्ष सिंचाई विभाग को शासन से मिले थे एक करोड़
पिछले बर्ष ततकालीन डीएम नरेन्द्र कुमार सिंह की मांग पर बाढ बचाव के लिए प्रमुख सचिव सिंचाई ने एक करोड़ की धनराशि आबंटित की थी।सिंचाई विभाग ने इस धनराशि से ग्राम पहाड़पुर से मौजमपुर तक लगभग तीन किलोमीटर लम्बी नहर बनाकर नदी का बहाव मोड़ दिया था। यही नहीं जियो ट्यूब की ठोकरें बनाकर ग्राम कुनिया,हहिरपुर,पहरूआ और मौजमपुर को बाढ से बचाया था।

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