
समानता के भाव अपनाने में नजर आ रहा है प्रशासक का सौतेला व्यवहार
मानवाधिकारों के हनन पर आज नहीं दिख रहे जिम्मेदार
काश बुलडोजर चलाकर गरीबों की रोजी छीनने से पहले उनकी जीविकोपार्जन के बेहतर इंतजाम कर दिए होते
पिहानी हरदोई।16 अप्रैल। नगरपालिका परिषद पिहानी में अतिक्रमण हटाने की खबर का असर ऐसा हुआ है कि यहां फूटपाथ पर बैठे बहुत से दुकानदार पलायन कर गए हैं।ज्ञात हो कि पालिका प्रशासन की तरफ से विगत सप्ताह ये सूचना आम खबर के रूप में फैलाई गई तथा संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी कर अवगत भी कराया गया है।दरअसल कस्बे की मुख्य सड़कों व गलियों में गरीब तबके के लोगों ने काफी अरसे से फुटपाथ पर अपनी दुकानें सजाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने हेतु जीविकोपार्जन के इंतजाम बना रखे हैं जिसे कानून की भाषा में अतिक्रमण फैलाने के नाम से परिभाषित किया जाता है।इन दुकानदारों के पास रोजगार के अगर कोई बेहतर साधन होते तो सड़कों पर न बैठे होते।पालिका प्रशासक ने अतिक्रमण हटाने की तिथि 15अप्रैल निर्धारित की थी। दुकानदारों को नोटिस भेजकर उनको अतिक्रमण हटाने की कोशिश में लगा देख दो दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है।सुना है कि 17अप्रैल से पुलिस अभिरक्षा में कस्बे की मुख्य सड़कों पर चलेगा पालिका का बुलडोजर।ऐसी स्थिति में अतिक्रमण फैलाने वाले लोगों और उनके बच्चों के दिलों पर क्या गुजरती होगी?यह दर्द भी अगर समझकर प्रशासन ने उनके लिए बतौर किराया एक निजी मार्केट या खोखे रखने के लिए पालिका सम्पत्ति का स्थान निर्धारित किया होता और अतिक्रमण फैलाने वाले लोगों के स्थान पर चिन्हांकन करने में सौतेला व्यवहार करने की रीति न अपनाई होती तो शायद ये लोग इतने दुखी न होते जितना कि आज नगर पालिका प्रशासन के सौतेले व्यवहार से इनको ठेस पहुंच रही है।हालांकि पिहानी पालिका प्रशासक ने यहां पर उनके रोजगार के लिए निजामपुर बगिया में इंतजाम कर दिया है। हालांकि रोजगार के उद्देश्य से यह जगह प्रर्याप्त व सुलभ नहीं है इसलिए बहुत से लोग अपनी दुकानें लेकर घर आ रहे हैं और जो छुटपुट दुकानदार उस जगह पर रोजी रोजगार करने के लिए पहुंच गए हैं वे इसलिए परेशान हैं कि आमतौर पर उधर से किसी जनमानस का गुजर नहीं और न ही यह भूमि पालिका की निजी सम्पत्ति का हिस्सा है।

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