
कछौना हरदोई -13अप्रैल सूबे की योगी सरकार भले ही छुट्टा जानवरों की बढ़ती समस्याओं से निजात दिलाने के लिए व इनके संरक्षण को लेकर क्रियाशील होने का दावा कर रही है l मगर सरकार के सभी वायदे खोखले साबित हो रहे हैं l आवारा गोवंश की दुर्दशा के मामले प्रदेश में आए दिन प्रकाश में आते रहते हैं l विकासखंड कछौना के अंतर्गत आवारा गोवंश की दुर्दशा का ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को प्रकाश में आया है lहिंदू धर्म के अनुसार गाय के शरीर में समस्त देवी देवताओं का निवास माना जाता है l जिस गाय को भारतीय संस्कृति में गौ माता का दर्जा दिया गया है l वहीं गौमाता और उसके वंशज आज संरक्षण के अभाव में दर-दर भटकने को मजबूर हैं l उत्तर प्रदेश में बूचड़खानों पर पाबंदी और केंद्र सरकार के पशुओं की खरीद बिक्री संबंधी कानून पास होने के बाद यहां पर गाय, बैल, बछड़ों की खरीद-बिक्री एकदम बंद हो गई है l लोगों के पास जो जानवर काम के नहीं होते, लोग उन्हें खुला छोड़ देते हैं l चारागाह की भूमि पर अतिक्रमण व अवैध कब्जों के चलते इन आवारा गोवंशों का निवाला छिन गया है l चरागाह की रक्षा के जिम्मेदार राजस्व एवं पंचायतराज विभाग इनकी सुरक्षा पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे इनकी लापरवाही व अनदेखी के कारण लोग कानून की धज्जियां उड़ाकर धड़ल्ले से चरागाह की भूमि पर अतिक्रमण कर रहे हैं l वर्तमान में कहीं भी अतिक्रमण रहित चरागाह भूमि की उपलब्धता बहुत कम ही है, जिससे गायों एवं आवारा पशुओं को चरने का संकट उत्पन्न हो गया है l जिसके कारण आवारा गोवंश किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे बचाव के लिए किसानों ने खेतों में ब्लेड युक्त कटीले तार लगा रखे हैं जिसकी चपेट में आकर आवारा गोवंश बुरी तरह घायल होकर मरने को विवश हैं l विकासखंड कछौना के अंतर्गत ग्राम मोहाई मोड़ पर एक आवारा गोवंश पिछले एक सप्ताह से घायल अवस्था में पड़ा हुआ है l जिसकी सूचना तेरवा निवासी ग्रामीण धर्मेंद्र कुमार ने 100 नंबर पर दी परंतु समस्या हल न होने पर फिर क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी रमेश सिंह यादव को सूचित किया l जिस पर पशु चिकित्सा अधिकारी ने अपनी टीम भेजकर उसका इलाज करवाया और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर उसके चारे की व्यवस्था की l घायल गोवंश के घाव में कीड़े पड़ चुके थे यदि कुछ समय तक इसका इलाज ना होता तो गोवंश के जीवन और संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा था l
सूबे की योगी सरकार द्वारा आवारा गोवंश की बढ़ती समस्याओं को देखते हुए गोवंश संरक्षण की दिशा में गांव-गांव गौशालाएं खोलने के किए गए वादे खोखले साबित हो रहे हैं l कानजी हाउस व गौशालाएं कागजों पर ही संचालित हैं l संरक्षण के अभाव में यह आवारा गोवंश खुले घूमते रहते हैं, जिन्हें सड़कों पर झुंड के रूप में देखा जा सकता है l आवारा पशुओं के जमघट के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होती है l सड़क दुर्घटनाओं में गोवंश व राहगीर प्रभावित होते हैं l लखनऊ-हरदोई राजमार्ग पर थाना बघौली के अंतर्गत खजूर मई तिराहे के पास पिछले एक सप्ताह से एक गोवंश मृत पड़ा हुआ है l जिसको लेकर जिम्मेदार मौन है l मृत गोवंश के शरीर में कीड़े पड़ जाने से दुर्गंध आ रही है और संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है l सूबे की योगी सरकार भले ही गौ संरक्षण के लिए सक्रियता की बात कर रही है l मगर आवारा गोवंश की इस दुर्दशा ऐसा प्रतीत होता है की इनका कोई भी पुरसाहाल नहीं है l

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