उत्तर प्रदेश के किसानों ने दूसरी फसलों की तुलना में मक्का को प्राथमिकता दी | Alienture हिन्दी

Breaking

Post Top Ad

X

Post Top Ad

Recommended Post Slide Out For Blogger

Tuesday, 17 April 2018

उत्तर प्रदेश के किसानों ने दूसरी फसलों की तुलना में मक्का को प्राथमिकता दी


लखनऊ। उत्तर प्रदेष के किसानों ने वसंत के इस मौसम में मूंगफली, तरबूज, मेंथा, दालों और उड़द जैसी दूसरी फसलों की तुलना में मक्का हाइब्रिड के बीजों में काफी रुचि दिखाई है। इस फसल का रुख करने के पीछे सबसे मुख्य कारण-पोल्ट्री चारे के रूप में और देष में स्टार्च उद्योग में मक्का की मांग का बढ़ना है। इन दोनों कामों में मक्का की लगभग 50 प्रतिषत खपत होती है।

हाइब्रिड मक्का के बीज अलीगढ़, बुलंदषहर, एटा, कासगंज, नैनपुर, फिरोजाबाद, अलीगंज, षिकोहाबाद, फर्रूखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, कानपुर देहात, मुरादाबाद, सम्भल, बदायूं, हरदोई और बहराईच जिलों के किसानों में काफी लोकप्रिय हैं।

मोन्सेंटों के उच्च पैदावार वाले हाइब्रिड, डेकाल्ब की किसानों के बीच भारी मांग है, क्योंकि ये बीज हर साल उच्च पैदावार देते आये हैं। डेकाल्ब हाइब्रिड को उनके विकास, पानी की कम जरूरत, बीमारियों के प्रति सहनषीलता, अनाज का आकर्षक रंग, अधिक पैदावार और उत्पाद की उच्च कीमतों के कारण किसानों द्वारा स्वीकार किया गया है।

उन्नाव जिले के किसान दिनेष पाल सिंह पिछले कई वर्षों से अपने खेत में मक्का उगा रहे हैं। वह कहते हैं कि, ‘‘पिछले मौसमों और उच्च मांग को देखते हुये, हमने अपने खेतों में मक्का बोई है। हमारे जिले के किसानों ने डेकाल्ब हाइब्रिड मक्का का विकल्प अपनाया है, उन्हें बाजार में उपलब्ध दूसरे हाइब्रिड की तुलना में न सिर्फ उच्च पैदावार की उम्मीद है बल्कि वे बेहतर कीमतें भी मिलने की आषा कर रहे हैं।

मोन्सेंटों के रीजनल बिजनेस मैनेजर विनय सिंह ने कहा, ‘‘पड़ोसी राज्यों खासतौर से बिहार और पष्चिम बंगाल में मक्का की मांग बढ़ी है, अधिकतर किसानों ने दूसरी फसलों की तुलना में मक्का की खेती की है। पिछले कुछ सालों में, हमारी निरंतर उत्पाद गुणवत्ता, प्रषिक्षण कार्यक्रमों और विषेषज्ञ मार्गदर्षन के जरिये, हमने अपने ब्रांडों के लिए किसानों का भरोसा प्राप्त किया है। हम इस भरोसे का सम्मान करते हैं और मोन्सेंटों के मक्का हाइब्रिड की डेकाल्ब रेंज को विकसित करने की दिषा में काम कर रहे हैं जोकि विषिष्ट कृषि संबंधी स्थितियों के अनुकूल होंगे।‘‘

उत्तर प्रदेष में मक्का की बुवाई साल में तीन बार, खरीफ, रबी और वसंत सीजन में की जाती है। कई किसान निर्यात के लिए भी राज्य में मक्का का उत्पादन करते हैं जिसके लिए उन्हें शानदार रिटर्न मिलते हैं। इसलिए, भारत से मक्का निर्यात में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है, इस तरह यह दुनिया में शीर्ष पांच निर्यातकों की सूची में शामिल हो गया है।

डेकाल्ब खरीफ बीज राज्य की कृषि जलवायु स्थितियों के बिल्कुल अनुकूल हैं। हर साल की तरह, इस साल भी मौजूदा वसंत सीजन से पूर्व, मोन्सेंटों के आॅनफील्ड कृषि विषेषज्ञों ने मक्का के किसानों के साथ अपना जुड़ाव बनाना जारी रखा है और उन्हें सर्वश्रेष्ठ कृषि प्रबंधन प्रणालियों के बारे में जानकारी दी जाती है। इससे वे फसलों एवं तकनीकों के बारे में समझदारी से निर्णय लेने में सक्षम होते हैं।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad