
स्टाफ नर्स को बचाने में जुटे विभागीय अधिकारी
शाहाबाद।हरदोई13अप्रैल प्रदेश की योगी सरकार में आखिर यह सब क्या हो रहा है इतनी संवेदनहीनता के बाद भी संविदा कर्मी नर्स के विरुद्ध अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई जबकि ऐसी संविदा कर्मी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जानी चाहिए थीं जिसके मन में न मानवता का कोई मूल्य है और न कर्तव्य का किंचित बोध और न पाप पुण्य की परवाह है।भले भारतीय समाज सदियों से चिकित्सकों को देवता और स्वास्थ्य कार्यकत्रियों को देवी तुल्य मानता रहा है सभी को इनसे पूरी श्रद्धा रहती है लेकिन जनपद हरदोई के टोडरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटीरत एक ऐसी स्टाफ नर्स जिसकी लालची प्रवृत्ति से उसकी पत्थर दिली कुछ इस प्रकार प्रकाश में आ गई कि देखने सुनने वालों के कलेजे कांप उठे। आजकल बहुचर्चित नर्स की कुत्सित मानसिकता पर दबी जुबान तरह तरह की प्रतिक्रियाएं व्यक्त करने बालों की कमी नहीं है।टोडरपुर सीएचसी की इस पत्थर दिल संविदा कर्मी स्टाफ नर्स को पूजा नर्स के नाम से जाना पहचाना जाता है सीएससी पर तैनात स्टाफ नर्स के रुप में इस कथित देवी ने एक अत्यंत गरीब प्रसूता सहित उसके पति के साथ ऐसा घोर निंदनीय व्यवहार किया जो अक्षम्य अपराध की श्रेणी में विचारणीय है। प्रथमदृष्टया पूजा की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाना ही जनहित में है। आश्चर्य यह कि टोडरपुर सीएससी की चर्चित जीएनएम पूजा ने अत्यंत गरीब प्रसूता श्रीमती रानी सहित इसके पति अजय पाल से डिलीवरी के दौरान न केवल रुपयों की मांग की बल्कि रुपये नहीं मिलने तक दवा इलाज नहीं करने की जिद पर अड़ी रही। पीड़िता के पति सहित परिजन इसके पैरों पड़कर रोते गिड़गिड़ाते रहे और यह बताते रहे कि हम बहुत गरीब हैं हमारा लड़का डूब कर मर गया है हमारे पास पैसे नहीं है लेकिन इस स्टाफ नर्स रूपी देवी की आंखें जस की तस आग उगलतीं रहीं और आखिर हरदोई तहसील के ब्लॉक बावन के ग्राम यासीनपुर मजरा व थाना बेहटा गोकुल की रहने वाली पीड़िता रानी उसके सामने तड़पती रही इस प्रसूता को 3 अप्रैल 18 के दिन 102 नंबर एम्बुलेंस द्वारा सीएचसी पर भर्ती कराया गया था जहाँ पर जुड़वाँ बच्चियों को जन्म देने वाली रानी की दुखद कहानी उसकी व उसके पति की जुबानी इलाके में चर्चा का विषय बनी है संविदा कर्मी पूजा नर्स की शिकायत जब इस दंपत्ति ने सीएचसी अधीक्षक विपिन वहादुर से की तो उन्होंने पूजा के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करने की बजाय उल्टे शिकायतकर्ता को समझा बुझाकर मामला निपटाने का प्रयास किया जबकि स्टाफ़नर्स के गुंडों ने गरीब निरीह असहाय अजयपाल पर अपने पक्ष में बयान देने का दवाव बनाना शुरू कर दिया है इस सम्बंध में पीड़िता के पति ने आईजीआरएस के जरिए जिला अधिकारी के द्वारा जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी शिकायती पत्र भेजकर कार्यवाही की गुहार लगाई है अब देखना यह है कि सूबे के योगी सरकार के सीएमओ आदि अधिकारीगण इस पत्थरदिल आरोपी जीएनएम के विरुद्ध कोई कार्यवाही करते हैं या वह भी उसे बचाने के प्रयास में जुट जाते हैं। हालांकि निकट भविष्य में यह मामला मुख्यमंत्री दरबार तक में हंगामा खड़ा कर सकता है क्योंकि इस प्रकरण में कुछ इन्सानी शक्तियां गंभीरता से विचार विमर्श कर रहीं हैं।

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