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Sunday, 8 April 2018

पिहानी-चेयरमैन पुत्र के रवैये से आहत नागरिकों ने ईओ से मिलकर की शिकायत

डेलीगेट ने मौलाना सलीमुद्दीन अंसारी से अभद्रता करने का जताया विरोध
पिहानी हरदोई ।08 अप्रैल नगर में दो पक्षों के बीच गहराते  कब्रिस्तान भूमि अधिग्रहण मोहल्ला भाटनटोला सर्कसपुरा गांव के मामले पर संज्ञान लेते हुए तत्कालीन विवाद निस्तारण करने की नियत से विगत दिनांक 02 अप्रैल को पिहानी पालिका प्रशासक पीएन दीक्षित ने एक बैठक का आयोजन किया था।बैठक का आयोजन करने से कई दिन पूर्व नोटिस देकर दोनों पक्षों से पाँच पाँच व्यक्तियों को पालिका में 02 अप्रैल को आने की सूचना मिली थी।बैठक करके वाद निस्तारण करने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष डाक्टर मोहम्मद साजिद अंसारी व उनके समर्थक गणों एवं पुत्र जमाल साजिद उर्फ चांद मियां  07 अप्रैल की तिथि को निर्धारित समय पर पक्ष विपक्ष को सुनने के लिए अधिशासी अधिकारी पीएन दीक्षित के पिहानी दफ्तर में पहुंच गए।संज्ञान में आया है कि उक्त मामले पर सुनवाई के दौरान कुछ अनसुलझे तथ्यों पर गहमागहमी की स्थिति उत्पन्न होने पर  चेयरमैन पुत्र ने कुछ लोगों को बैठक में वगैर बुलाए मेहमान बनकर आने से झुंझलाहट में उठकर चले जाने की बात कही।इस बात पर बैठक में बुलाए गए  नगर के वयोवृद्ध व सम्मानित व्यक्ति मौलाना सलीमुद्दीन अंसारी बाहर उठकर चल दिए तो चेयरमैन पुत्र ने उनको हड़बड़ाहट में उठकर रोकने का प्रयास किया।मगर उक्त बैठक में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों व स्वयं मौलाना के कथनानुसार रोकने का प्रयास किया गया यह शब्द कतई गलत है चेयरमैन पुत्र ने धक्का देकर निकाला है।रही बात हड़बड़ाहट से उठकर रोकना चाहते थे तो यह तथ्य भी डेलीगेट के लोगों के द्वारा गलत बताया जा रहा है उनका साफ कहना है कि चुनावी रंजिश को लेकर चेयरमैन और उनके पुत्र व समर्थकगण मौलाना से इंतकाम लेना चाहते थे जिस पर उनकी सोंची समझी साजिश थी कि इस बैठक के मौके पर इस तरह हड़बड़ाहट में उठकर उनकी बेइज्जती की जाए और हुआ भी कुछ ऐसा ही।जैसा कि प्रेस विज्ञप्ति में दर्शाया गया है कि   चेयरमैन पुत्र ने अशोभनीय  व्यवहार व गलत भाषाशैली का प्रयोग किया एवं जान से मारने की धमकी दी।इस प्रकरण से नाराज एक डेलीगेट ने कल दिनांक  07 अप्रैल को दोपहर बाद समय करीब 3 बजे कार्यालय नगर पालिका परिषद् पिहानी के अधिशाषी अधिकारी पीएन दीक्षित से मिलकर अपना पक्ष रखा तो उन्होंने उक्त घटना को शर्मनाक प्रकरण बताते हुए भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति पर रोक लगाने के लिए  विशेष ध्यान रखने की बात कही तथा डेलीगेट में आए सभी संभ्रांत लोगों से सम्मानपूर्वक बातचीत करते हुए किसी अग्रिम कार्रवाई के लिए पालिका लोकसेवक की तरफ से स्वतंत्रता का आश्वासन मिला है।

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