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Sunday, 6 May 2018

कुत्तों के हमले में मारे गए बच्चों के परिवारीजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए


सीतापुर। जनपद के परगना व ब्लाक खैराबाद क्षेत्र में विगत डेढ़ माह की अवधि में जंगली कुत्तों द्वारा अब तक 11 बच्चों को निवाला बनाया जा चुका है। इसके अतिरिक्त इन आवारा जंगली कुत्तों के हमलों से 25 मासूमों को घायल किया जा चुका है। जंगली कुत्तों द्वारा लगातार मासूमों को पना निवाला बनाया जा रहा है। जिसके क्षेत्रवासियों में भय का वातातरण बना हुआ है। लोगों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बन्द कर दिया है। मासूमों के जीवन से जुड़ी जिले की उपरोक्त विकराल समस्या के समाधान के सम्बन्ध में, जिला प्रशासन द्वारा अब तक अभी इस जंगली कुत्तों को पकड़ने के लिये जो भी प्रयास किये गये है। वह अभी तक नाकामी साबित हो रहे है। स्वयं उप्र के वन विभाग के पास, जंगली व हिसंक प्रवृत्ति के जानवारों को नियंत्रित करने के लिए प्रशिक्षित लोग मौजूद है। इसके बावजूद वन विभाग तथा अन्य जिम्मेदार विभाग एक दूसरे पर जिम्मेवारी डालकर पल्ला झाड़ने का प्रयास कर रहे है। 4 मई को 2 बच्चों को खैराबाद क्षेत्र में जंगली कुत्तों ने मार दिया लेकिन अभी तक कोई सार्थक प्रयास नही किया जा सके है।
मासूम बच्चों से सम्बन्धित उपरोक्त विकराल समस्या के त्वरित समाधान हेतु जिले के सामाजिक संगठन उत्तर प्रदेश राज्य के जनपद सीतापुर के खैराबाद क्षेत्र में जंगली कुत्तों पर नियंत्रण कर मासूमों की जीवन रक्षा हेतु उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यम से विशेष उपाय सुनिश्चित कराये जाएं। जंगली कुत्तों के हमलो से अब तक मृतक हो चुके 11 मासूमों के परिजनांे को आर्थिक सहायता, राज्य सरकार की ओर से दिलाया जाना सुनिश्चित कराया जाये, साथ ही घायल मासूमों के इलाज की समुचित व्यवस्था तथा उन्हे भी आर्थिक सहायता प्रदान की जावे। इन जंगली कुत्तों को मारने अथवा पकड़ कर उन्हे निरूद्ध करके आम जनमानस को सुरक्षा प्रदान किये जाने हेतु राज्य सरकार तथा केन्द्र सरकार वन विभाग सहित जिला प्रशासन के लिए विशेष आदेश निर्गत किये जाएं। सीतापुर नगर क्षेत्र में जहा पर पुराना शव विच्छेदन ग्रह स्थापित था वहा पर भी काफी संख्या में ऐसे ही कुत्तों का आतंक व्याप्त है। यदि प्रदेश अथवा केन्द्र की सरकार के तमाम महकमों की पहुच के बाहर यह जंगली कुत्तों का आतंक इनके काबू के बाहर दिखता है तो ‘‘भारतीय सेना’’ से अनुरोध कर मासूमों की रक्षा हेतु मदद लिया जाना अन्तिम विकल्प के रूप में चुना जा सकता है।

 

जब सरकार द्वारा आम जनमानस/जनता के बीच लोगों को शस्त्र लाइसेंस निर्गत किये जाते है, जिनका मूल्य उदेश्य जान-माल व अपने परिवार की रक्षा ही होता है। उन लोगों को जिला प्रशासन इस बाद की छूट मुुहैया कराये की आवश्यकता पड़ने पर ऐसे कुत्तो को जान से मार सके। इस मांग पत्र पर राष्ट्रपति से निवेदन है कि इस मामले को त्वरित संज्ञान लेकर त्वरित उचित कार्यवाही के दिशा निर्देश जनहित को ध्यान में रखकर देने की कृपा की जाएं। अपरजिलाधिकारी को ज्ञापन देते समय सुनील सिंह गौर एड0, पवन अग्रवाल, सनी बेग, दिनेश पाल सिंह, ज्ञान प्रकाश, मुकेश, सुधाकर मिश्र, बृजेश सिंह चैहान, श्याम िकशोर मिश्रा, पूर्व महासचिव ईशरत अली, विजयवीर विक्रम सिंह, पवन अग्रवाल, मुकेश चैधरी, प्रमोद कुमार, हरद्वारी लाल, अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव, प्रतीक जिन्दल, विनीत मिश्र, रीतेश सिंह गौर, भारत जाटव, धर्मेश्वर, प्रतीक त्रिवेदी, चन्द किशोर मिश्र, प्रांशू मिश्र, ज्ञान प्रकाश सिंह प्रतीक, गोविन्द ंिसंह चैहान, मुकेश चैधरी एड0, पवन अग्रवाल, अशोक कुमार वर्मा, आकाश मिश्रा, राम कृष्ण तिवारी, रवि सिंह, दिग्विजय पाल एड0, सुधाकर मिश्र एड0 विजय कुमार एड0, प्रमोद कुमार गौतम एड0, हरिओम मिश्रा, प्रांशू मिश्रा एड0, विजय अवस्थी एड0, विश्ववीर गुप्ता, राम सिंह, अंजनी मिश्रा, राजीव दीक्षित, संजीव दीक्षित, आनंद प्रताप ​सिंह, कन्हैया, आकाश, बृजराज सिंह तोमर, संजय राठौर, मोहित कपूर, आदि लोग उपस्थित रहे।

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