
”अरविन्द तिवारी”
महिला सुरक्षा की दुहाई देने वाले नेताओं की वादाखिलाफी
अर्जुनपुर रामगंगा पुल बनने की आस में 4 वर्ष से सुहाग चिन्ह त्याग चुकी सीमा मिश्रा*
2019 में कटियारी का बन सकता है बहुत बड़ा मुद्दा*
हरदोई-14मई रपालपुर कटियारी क्षेत्र में वर्षों से अर्जुनपुर रामगंगा पुल बनवाने की चली आ रही मांग को पूरा न किए जाने के कारण कटियारी क्षेत्र में लोकसभा 2019 का चुनाव भाजपा के लिए बहुत बड़ा संकट पैदा हो सकता है। यही नहीं, महिला सुरक्षा और आस्था का डींग हांकने वाले नेताओं की वादाखिलाफी के चलते 4 वर्ष से श्रीमती सीमा मिश्रा सुहाग चिन्ह त्यागकर सरकार के वायदों को याद दिलाने के लिए इंतजार कर रही हैं। पर उप मुख्य मंत्री, सांसद, विधायक सभी अर्जुनपुर रामगंगा पुल बनवाने का आश्वासन दे चुके हैं।
मालूम हो कि लोस चुनाव 2014 और 19 अर्थात (सीएम) अखिलेश यादव की घोषणा के बाद अर्जुनपुर रामगंगा पुल निर्माण न होने पर 2014 की वट-अमावस्या को डीएम की चौखट पर सुहागचिह्न त्यागकर शासन तक गंगा-रामगंगा पंचनद कटरी की पीर पहुंचाने वाली सीमा मिश्र के लिए 2018 में पांचवां पर्व-त्योहार सूना-अधूरा सा है जो सरकार द्वारा महिला अपमान का सबसे बड़ा उदाहरण है। घटना के पहलू पर जाएं तो 1975-76 की कार्तिकी पर्व पर नाव में करीब 90 गंगाश्रद्धालुओं के डूबने के बाद क्षेत्र वासियों द्वारा अर्जुनपुर राम गंगा पुल निर्माण की मांग ने जोर पकड़ा था।इस बीच सीएम एनडी तिवारी से लेकर विभिन्न सरकारों और जनप्रतिनिधियों ने चुनाव-दर-चुनावों में पुल का मुद्दा उछालकर जनता को छला। क्षेत्रवासियों ने उन नेताओं के वादे और इरादे पर भरोसा कर उनका तो भला कर दिया पर पुल अभी तक नहीं बना। यही नहीं, 2014 के लोस चुनाव में सवायजपुर की जनसभा में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी पुल प्रकरण उछाल कर सांसद अंशुल वर्मा के लिए तालियां बटोरी थीं पर पांच साल बाद भी जनता की खाली रही “कटोरी” खाली की खाली रही और सुहाग चिन्ह त्यागी बैठी सीमा मिश्रा इस वट अमावस्या पर भी वंचित रही।प्रदेश सरकार बनने पर 2017 में हरदोई फरूखाबाद के दोनों सांसदों ,विधायक की संयुक्त प्रेसवार्ता में पुल निर्माण की घोषणा हुई पर पुल निर्माण मृगतृष्णा सा बना रहा। यहां तक कि 2017 में विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह ‘रानू’ के संयोजन में हुई सवायजपुर की जनसभा में उपमुख्यमंत्री पीडब्लूडी मंत्री केशवप्रसाद मौर्य का पुल निर्माण का ऐलान भी लोकसभा के पंचवर्षीय कार्यकाल के इस खालीपन को नहीं भर पाया है जो पंचनद कटरी को और अधिक खल रहा है।2019 लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर केंद्र-प्रदेश के मंत्रियों के दौरे और लोकलुभावन घोषणाएं जारी हैं।पर उनमें 90 गंगास्नानार्थियों को निगलने वाले अर्जुनपुर-बड़ागांव रामगंगा घाट पर पुल निर्माण की बात पर शासन प्रशासन जनप्रतिनिधि और सत्ता समर्थक सभी चुप्पी साधे हैं। पर कटियारी क्षेत्र की जनता इस चुप्पी का माकूल जवाब देने के लिए कमर कस चुकी है जो आने वाले 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा सरकार के लिए भारी पड़ सकती है।

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