
नयी दिल्ली। सिबल ने बहस के शुरू में ही सीजेआई द्वारा इस मामले को संविधान पीठ को सौपने के आदेश की प्रति मांगी संविधान पीठ ने कहा हम महसूस कर रहे हैं कि आप का इरादा कुछ और है आप राज्यसभा सभापति के आदेश पर बात ही नहीं कर रहे हैं जबकि आपने कहा था पांच मिनट के लिय केस का परिचय देंगे। देश के मुख्य न्यायाधीश के ख़िलाफ़ महाभियोग नोटिस खारिज करने आदेश को चुनौती देने वाली याचिका कांग्रेस नेता व वरिष्ठ वकील कपिल सिबल ने मंगलवार को नाटकीय ढंग से वापस ले ली जिसे संविधान पीठ ने वापस लिया मान कर खारिज कर दिया।
इस बीच अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा कि उन्हे याचिका की विचारणीय ता पर शक है क्योंकि इसे सिर्फ कांग्रेस पार्टी के दो सांसदओं ने चुनौती दी है जबकि महाभियोग प्रस्ताव सात दलों के 64 सांसदों ने दिया था इसका मतलब यह है कि छह दल के 62 सांसदओं ने सभापति का प्रस्ताव नोटिस खारिज करने का फैसला स्वीकार कर लिया है ऎसे में दो सांसदओं की याचिका पर विचार नहीं किए जा सकता।
यह याचिका सिबल और प्रताप सिंह बाजवा ने दायर की थी। इसके अलाव कुछ वाकिलो ने सिबल के मामले में पेश होने पर सवाल उठाए उन्होंने कहा कि महाभियोग प्रस्ताव देने वाले वकील कोर्ट में पेश नहीं हो सकते बीसीआयी ने इस बारे में नियम पारित किया है लेकिन कोर्ट ने यह सिबल पर छोड़ दिया सिबल ने कह वे बहस करेंगे।

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