नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज एयरक्राफ्ट में त्रिवेंद्रम से मॉरीशस की यात्रा कर रहीं थीं। इस दौरान अचानक वीवीआईपी एयरक्राफ्ट मेघदूत से संपर्क टूटने की वजह से शनिवार को अथॉरिटी सकते में आ गई थी। ये हादसा तब हुआ जब सुषमा को लेकर जा रहा एयरक्राफ्ट का संपर्क मॉरीशस में प्रवेश करने के बाद टूट गया। हालांकि सुषमा स्वराज रविवार को सही सलामत मॉरीशस पहुंच गई।

एयरपोर्ट ऑथरटी इंडिया (एएआई) के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि समुद्र के ऊपर अगर 30 मिनट तक कोई कम्युनिकेशन नहीं होता है, तो ऐसा अलर्ट जारी किया जाता है। सुषमा स्वराज के विमान ने जब मॉरीशस के एयरस्पेस में प्रवेश किया तो वहां के एटीसी के साथ करीब 12 मिनट तक स्वराज के विमान का संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद मॉरीशस ऑथरिटी ने इमरजेंसी अलार्म बटन दबाया। क्योंकि, ये वीवीआईपी फ्लाइट थी, इसलिए 14 मिनट में ही अलर्ट जारी कर दिया गया। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि पायलट ने मॉरीशस के हवाई क्षेत्र में होने के बावजूद मॉरीशस की एटीसी ये संपर्क नहीं किया था।
बता दें कि स्वराज चार जून को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगी और इब्सा विदेश मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करेंगी। छह जून को वह फीनिक्स बस्ती का दौरा करेंगी जहां महात्मा गांधी रहा करते थे और वहीं पर उन्होंने अहिंसा का दर्शन दिया था। अब उसे धरोहर स्थल घोषित किया गया है। वह छह एवं सात जून को पीटरमारिट्ज़बर्ग में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगी जो गांधी जी को ट्रेन के डिब्बे से धक्का देकर गिरा देने की ऐतिहासिक घटना की 125वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित किये जा रहे हैं। यह घटना गांधीजी के सत्याग्रह आंदोलन का कारक बनी थी। इसी मौक पर दक्षिण अफ्रीका के महान नेता नेल्सन मंडेला की सौवीं वर्षगांठ मनायी जाएगी।
इन दो दिनों के कार्यक्रमों में ओलिवर ताम्बो और पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर संयुक्त डाक टिकट जारी करना और एक युवा सम्मेलन भी शामिल है जिसमें अफ्रीका में रहने वाले 20 भारतवंशी युवा और भारत के पांच युवा शिरकत करेंगे और गांधी जी के शांति के संदेश पर बात करेंगे।

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