मथुरा। जनपद में झोलाछापों की बाढ़ आई हुई है। कुछ दिन किसी डॉक्टर के यहां कंपाउंडरी करने या किसी मेडिकल स्टोर पर कुछ दिन नोकरी करने के बाद ये लोग बाकायदा अपनी दुकान खोलकर धलड़ड़े से मरीजों की जान से खेलना शुरू कर देते हैं। इनमे कई तो उल्टी सीधी सी फर्जी डिग्री डिप्लोमाओं का हवाला देकर अपने को सही साबित करने का प्रयास करते है। कोई बड़ी गलती होने पर ये अपनी सेटिंग के नर्सिंग होमों में मरीज को भेजकर मोटा कमीशन भी खाते हैं। स्वास्थ्य विभाग भी इनकी तरफ से आंख मूंदकर बैठा रहता है।बताया जाता है कि विभाग का एक बाबू सभी झोलाछापों से मंथली लेकर सेटिंग के कार्य को अंजाम देता है। अभी बीते वर्ष में भी गलत इलाज के चलते कई मरीज काल के ग्रास में इनके द्वारा पहुंचाए जा चुके हैं।भ्रष्टाचार का आलम यह है कि एक भी मामले में किसी झोलाछाप पर आज तक कोई कठोर कार्यवाही अंजाम में नहीं लायी जा सकी है। शहर की हर गली हर मोहल्ले में ये आपको मिल जाएंगे। अकेले अर्जुनपुरा क्षेत्र में ही आधा दर्जन झोलाछाप लोगों की जिंदगी से खेल रहे हैं।
Post Top Ad
Friday, 1 June 2018
झोलाछापों को नहीं है कोई डर ए मरीजों की जान से खुला खिलवाड़
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment