
कृष्णा टेकड़ीवाल,खगड़िया
गोगरी: कुछ ही दिन पहने पटना में मुफ्त सब्जी के चक्कर में पूरा थाना सस्पेन्ड हुआ है, फिर भी पुलिस अपने कारनामें से बाज नही आती दिख रही।
पुलिस जवान से दुकानदार ने मांगा ढ़ाई किलो आम का दाम और पुलिस ने बदले में खींच ली दुकानदार की पीठ का चाम
यह सुनने में भले ही अटपटा लगे। लेकिन वाक्या है सौ फीसदी सत्य। इस संदर्भित मामला सुर्खियों में आने के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी अथवा मामले को दफन कर दिया जाएगा, यह कहना तो शायद जल्दबाजी होगी। लेकिन यह नग्न सत्य है कि बिहार में पुलिस की बर्बरता सिर चढ़कर बोल रही है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है किसी एक मामले की जांच अभी पूरी भी नहीं होती है कि दूसरा मामला सड़कों पर जुगाली करने लगता है। अन्य मामलों को कुछ देर के लिए दरकिनार कर अगर बात खगड़िया जिले के गोगरी थाना अंतर्गत टॉवर चौक की करें तो गोगरी थाना में पदस्थापित पुलिस जवानों ने एक फल दुकानदार को महज इसलिए पीट दिया क्योंकि उसने पुलिस कर्मियों द्वारा लिए गए ढ़ाई किलो आम के एवज में दाम की मांग कर दी। गंभीर रुप से जख्मी दुकानदार का गोगरी रेफरल अस्पताल में इलाज कराया गया है।
पीड़ित दुकानदार शंभू साव की बातों पर अगर एतबार करें तो गोगरी थाना अंतर्गत मुख्य बाजार स्थित जमालपुर टावर चौक पर अन्य दिनों की तरह दुकान लगाए बैठे थे। तभी अपने आपको गोगरी थाना में पदस्थापित बताकर पुलिस जवानों ने लिए गए ढ़ाई किलो आम का दाम देने से इंकार कर दिया। गोगरी निवासी फल विक्रेता शंभू साव के मुताबिक मुफ्त में आम नहीं देने से आक्रोशित पुलिस जवान उस समय तो वापस चले गए। लेकिन आज शुक्रवार को अचानक दुकान के सामने पहुंचकर पुलिसकर्मियों ने दुकानदार को बाहर बुलाकर इतना पीटा कि उसे डॉक्टर की चौखट तक पहुंचना पड़ गया। इधर इस संदर्भ में “तरूणमित्र दैनिक अखबार” की पड़ताल में जो तथ्य उभरकर सामने आ रहे हैं, उसके मुताबिक दुकानदार को पिटाई का शिकार बनाने वाले पुलिस जवान गोगरी थाना में पदस्थापित नहीं होकर किसी पुलिस कैंप में पदस्थापित हैं। दूसरी तरफ पुलिस इंस्पेक्टर सह गोगरी थानाध्यक्ष का कहना है कि लिखित सूचना मिलते ही न केवल मामले की जांच होगी बल्कि त्वरित कार्रवाई भी तय है।।

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