
नई दिल्ली: भारतीय सेना द्वारा सितंबर 2016 में पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए किये गए सर्जिकल स्ट्राइक का एक वीडियो सामने आया है। जिसके बाद कांग्रेस ने सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो जारी किये जाने की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए सेना के बलिदान का अपमान किया जा रहा है।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ”मोदी सरकार और बीजेपी देश के सैनिकों और सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिक फायदा लूटने का हर हथकंडा अपनाये हुए है।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने आतंकियों के खिलाफ किये गये सर्जिकल स्ट्राइक और देश के खिलाफ आतंकी मसूबों को ध्वस्त करने के लिये देश की सेना को धन्यवाद दिया था।
कांग्रेस नेता ने कहा, ”जब-जब पीएम मोदी और अमित शाह की बीजेपी पर असफलता का संकट मंडराता है, तब-तब उन्हें सेना के शौर्य को सियासी तौर पर भुनाने की याद क्यों आती है?” पार्टी ने पूछा कि क्या मोदी सरकार देश की सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को खतरे में नहीं डाल रही है? कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह सेना की सुविधा के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है।
सुरजेवाला ने कहा, ”सेना के प्रति मोदी सरकार का दुराग्रह और खोखली बातें इस बात से साबित हैं कि सेना ने बजट में कटौती कर और आधुनिक उपकरण मुहैया न करवाकर देश की सेना से सौतेला व्यवहार किया है। रक्षा मामलों की संसदीय समिति ने चौंकाने वाली बात ये भी कही है कि मोदी सरकार ने चालू खरीद भी पूरी करने के लिये पैसा नहीं दिया है।” उन्होंने कहा कि झूठे जुमलों से ऊपर उठ अब देश जवाब मांग रहा है। सेना से दुर्भावना का इससे बड़ा प्रमाण क्या होगा कि रेजिमेंट एलाउंस घटाकर आधा कर दिया गया है।
सेना ने 29 सितंबर 2016 की रात को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में घुसकर आतंकियों के लॉन्चिंग पैड्स तबाह कर दिये थे। जिसके करीब दो साल बाद वीडियो सामने आया है। जिसमें तबाही देखी जा सकती है। जवानों के ऑपरेशन के दौरान हेलमेट पर लगे कैमरों और ड्रोन कैमरों की मदद से पूरी कार्रवाई रिकॉर्ड की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सेना के एक पूर्व अधिकारी ने वीडियो की पुष्टि की है। सर्जिकल स्ट्राइक के इंचार्ज रहे लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हूडा (रिटायर्ड) ने कहा, “ये वीडियो असली हैं। मैं इस बात की पुष्टि करता हूं।”

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