
हरदोई।04अक्टूबर।जहां देश की मोदी सरकार दलितों के उत्थान व उनको शोषण से बचाने के लिए नित नए कानून ला रही है। उसके बावजूद योगी सरकार की पुलिस दलितों पर अत्याचार करने से बाज नहीं आ रही है। ऐसा ही एक मामला सुरसा थाना क्षेत्र के मेउनी गांव का संज्ञान में आया है। पुलिस की पिटाई से अधमरा दलित व्यक्ति पुलिस अधीक्षक की चौखट पर न्याय की भीख मांग रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंगद गौतम पुत्र घुरई निवासी मेंउनी थाना सुरसा ने पुलिस अधीक्षक को सम्बोधित प्रार्थना पत्र में बताया है।कि ग्राम पंचायत मेंउनी में प्राथमिक विद्यालय में जिला अधिकारी के आदेश पर बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी बीच सुरसा थाने में तैनात हल्का नंबर 4 के सिपाही राजकुमार सिंह व राजेंद्र यादव परिसर में काम कर रहे चंद्रपाल निवासी मेंउनी राजगिरी का काम कर रहा था। पुलिस ने आकर कार्य बंद करा दिया। गाली गलौज करने लगे।इसी बीच मिस्त्री अंगद ने चंद्रपाल से इस घटना के संबंध में ग्राम प्रधान को बताने को कहा, इतने पर पुलिस वालों ने चंद्रपाल को छोड़कर अंगद को बुरी तरह लात घूसो व डंडों से जमकर पीटा ।डर के मारे दलित अंगद थाने ना जा कर किसी तरह जान बचाकर पुलिस अधीक्षक की चौखट पर न्याय की गुहार लगा रहा है वहीं अंगद के अनुसार, थाना क्षेत्र के ही पड़ोसी गांव निवासी शिवपाल पुत्र बाबू का चंद्रपाल से कोई जमीनी विवाद चल रहा था। इस संबंध में थाने पर शिकायत थी। परंतु दलित अंगद का दोष सिर्फ इतना था उसने चंद्रपाल से पूरा घटनाक्रम ग्राम प्रधान को बताने को बोल दिया यहां अपराध शायद इतना भी बड़ा नहीं था। इतनी बेरहमी से पुलिस ने उसको पीटा। वहीं जब इस सम्बंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिल यादव से बात करने पर उसने भी घटना की पुष्टि की व सुरसा पुलिस पर अपने राज मिस्त्री अंगद के साथ मारपीट की घटना को स्वीकार किया।वहीं इस सम्बंध में थाना अध्यक्ष से बात करने पर ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया है।

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