चीन में कुछ ऐसे खुशकिस्मत लोग भी हैं जिन्हें उनका दफ़्तर प्यार मुहब्बत के लिये अलग से आठ दिन की छुट्टी दे रहा है। बस इसके लिए एक ख़ास शर्त है कि वो कर्मचारी सिंगल महिला हो और उनकी उम्र 30 के आसपास हो।
इन आठ दिनों की छुट्टियों की वजह भी नायाब है। दफ़्तर ये छुट्टियां इसलिए दे रहे हैं ताकि ये सिंगल महिलाएं अपने प्यार को तलाश सकें। और चीन को नयी पीड़ी देने का काम कर सकें।
इसके अलावा इसी शहर के स्कूल में काम करने वाली अविवाहित महिला अध्यापिकाओं को भी इसी तरह की छुट्टियां दी जा रही हैं, यहां इन छुट्टियों को ‘लव-लीव’ कहा जा रहा है।
अकेली महिलाएं
चीन में जिन महिलाओं की उम्र 20 के आखिरी पड़ाव पर पहुंच जाती हैं और वे अविवाहित रहती हैं तो उनके लिए एक अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। यह शब्द है ‘शेंग नु’ इसका मतलब है ‘छूट चुकी महिलाएं’।
चीन में सिंगल रहने का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है। लोग अपने करियर को आगे बढ़ाने के मकसद से शादियों को बंधन समझने लगे हैं। लेकिन फिर भी महिलाओं पर शादी का दबाव कायम है। चीन में घटती जनसंख्या दर भी इस दबाव की एक वजह है। वहां की सरकार चाहती है कि लोग शादियां करें और बच्चें पैदा करें।
चीन की फ़िंचर मानती हैं कि दफ़्तरों में महिलाओं को इस तरह की छुट्टियां देने का मकसद उन्हें शादी जैसे बंधनों में बांधना है। वे कहती हैं, ”चीन की सरकार 20 या 30 साल की उम्र की महिलाओं को इस तरह की छुट्टियां देकर उन्हें एक तरह से बांधने की कोशिश करना चाहती है।
उन्होंने कहा, ”यह सब सरकार की कोशिशें हैं जिसके ज़रिए पढ़ी लिखी महिलाओं की शादी करवाकर उन्हें बच्चे पैदा कर घरों में रोका जा सके।
नीचे गिरती जन्मदर
चीन में साल 2015 में एक बच्चे की नीति पर रोक लग गई थी। इसके बावजूद वहां जन्मदर में गिरावट जारी है। चीन में साल 2013 के बाद से शादी करने की दर में लगातार गिरावट आ रही है। साल 2018 में चीन में 1.5 करोड़ से कुछ ज़्यादा बच्चों का जन्म हुआ। यह आंकड़ा साल 2017 के मुक़ाबले दो लाख कम था।
लेखिका होंग फ़िंचर कहती हैं कि चीन में लिंगानुपात में बहुत अधिक अंतर पैदा हो गया है। क्योंकि ज़्यादातर परिवार एक बच्चा नीति के चलते अपने घरों में लड़के के जन्म को ही तरजीह देने लगे थे।
वे कहती हैं, ”दरअसल चीन में महिलाओं की संख्या में कमी आ रही है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में पुरुषों के मुकाबले 3 करोड़ महिलाएँ कम है।
चीन में सामाजिक विज्ञान की अकेडमी के प्रोजेक्ट ने अनुमान लगाया है कि देश में जिस तेज़ी से जनसंख्या घट रही है ऐसे में अगले 50 सालों में चीन की आबादी 140 करोड़ से घटकर 120 करोड़ हो जाएगी।
चीन में एक बच्चा नीति ख़त्म होने बावजूद जन्मदर में गिरावट जारी है।
जनसंख्या में आती गिरावट से ज़्यादा चिंता का विषय यह है कि चीन की जनसंख्या में बूढ़े लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है। इसका दबाव चीन के वित्तीय सेवाओं और समाज कल्याण से जुड़ी सेवाओं पर पड़ रहा है।
साथी की तलाश
हालांकि इस सबके बीच एक सवाल खड़ा होता है कि इन अतिरिक्त डेटिंग लीव के ज़रिए कोई महिला अपने लिए एक पति की तलाश कैसे करेगी और उसके बाद बच्चे कैसे पैदा करेगी, यह अभी भी अस्पष्ट है।
उन्होंने कहा, ”कुछ महिलाएं काम में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि वे बाहरी दुनिया से बिलकुल कट सी जाती हैं। यही वजह है कि हमें अपने महिला स्टाफ को अतिरिक्त छुट्टी देना चाहते हैं। इन छुट्टियों के ज़रिए उन्हें पुरुषों के संपर्क में आने का मौक़ा मिल सकेगा।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि महिलाओं को ये डेटिंग लीव काफी पसंद आ रही हैं। हालांकि दूसरी तरफ लेखिका होंग फ़िंचर मानती हैं कि इस तरह की कोशिशों का कोई फ़ायदा नहीं मिलने वाला।

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