डायरी लिखने का भी समय सीमा तय किया गया ,12 से 15 पेज का लिखना होगा डायरी
>> 20 दिनों के अंदर एसपी को सुपरविजन -2 निकालने का दिया गया निर्देश
>> जख्म प्रतिवेदन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट जल्द करना होगा आईओ को प्राप्त
पटना ( अ सं ) । अनुसंधान के नाम पर केस को लंबित रखने की चली आ रही मनमानी अब खत्म होने वाली हैं । पटना सेंट्रल के डीआईजी राजेश कुमार ने स्पीडी अनुसंधान अभियान का शुभारंभ, शनिवार को कर दिया हैं ,साथ ही जिलों के एसपी ,डीएसपी ,इंस्पेक्टर को निर्देश जारी किया हैं । केस होते ही दस दिनों के अंदर प्रवेक्षणकर्ता को सुपरविजन करने की समय सीमा तय की गयी हैं ।इसके साथ ही सुपरविजन का प्रतिवेदन -2 निर्गत करने के लिए 20 दिन निर्धारित किया गया हैं ।अनुसंधानकर्ता को आदेश दिया गया हैं की प्रथम सुपरविजन रिपोर्ट निकलने और इसके पूर्व 12 -15 पेज का केस डायरी लिखना अनिवार्य किया गया हैं ।
डीआईजी राजेश कुमार का मानना है की त्वरित अनुसंधान से सही अभियुक्त की पहचान होती हैं ।अनुसंधानकर्ता को दिशा -निर्देश में यह बताया गया हैं की जल्द से जल्द जख्म प्रतिवेदन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेना अनिवार्य हैं ।यह लागू प्रक्रिया का सही क्रियान्वयन हो इसके लिए समय-समय पर समीक्षा करने के लिए निर्देश दिया गया हैं ।

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