लखनऊ। सम्मान कार्य समान वेतन एवं नियमावली व्यवस्था को लेकर केजीएमयू के संविदा-आउटसोर्सिंग कर्मचारी सोमवार से कुलसचिव कार्यालय के सामने सुबह 10 बजे से क्रमिक अनशन करेंगे। इनका कहना है कि विगत 24 से लेकर 27 जनवरी तक चले काला फीता बांधकर विरोध करने के बाद भी शासन से लेकर केजीएमयू प्रशासन ने हमारी मांगों को अनसुना कर दिया। वहीं इन्होंने चेतावनी दी है कि अगर क्रमिक अनशन के बाद भी हमारी मांगों के प्रति उदासीनता दिखायी गई तो हम बड़े से बड़ा उग्र आन्दोलन करने को बाध्य होंगे। जिसकी जिम्मेदारी केजीएमयू प्रशासन की होगी।
केजीएमयू प्रशासन को इस सम्बन्ध में संघ ने लिखित पत्र दिया था जिसमें कहा गया है कि अगर इस विरोध के बाद भी हमारी मांगों को नहीं मांगा गया तो हम 28 से क्रमिक अनशन शुरू करेंगे। इसके बाद भी कोई नहीं सुनवाई की गई तो आगे और बड़ा आन्दोलन करेंगे।
संयुक्त संविदा-आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ के प्रदेश एवं केजीएमयू अध्यक्ष रितेश मल्ल ने बताया कि शासन और केजीएमयू प्रशासन द्वारा केजीएमयू के कर्मचारियों के प्रति उदासीन रवैया अपनाने एवं भेदभाव करने, मुख्यमंत्री द्वारा वेतन विशंगति दूर किये जाने के आदेश के वावजूद भी अभी चार माह बीतने के उपरांत आदेशों का पालन न करने से कर्मचारियों में रोष है। जिससे नाराज कर्मचारी पांच सूत्रीय मांग लेकर सोमवार से कुलसचिव कार्यालय के बाहर क्रमिक अनशन पर बैठेंगे।
क्या है इनकी मांगे
रितेश मल्ल के मुताबिक पांच सूत्रीय मांगों में कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने, समान कार्य समान वेतन संबन्धि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को लागू करने, सभी कर्मचारियों को विभागीय संविदा पर समायोजित करने एवं ठेका व्यवस्था को समाप्त करने,एनआरएचएम की तरह वर्ष में आकस्मिक अवकाश,16 चिकित्सा अवकाश एवं महिला कर्मियों को प्रसूता अवकाश देने तथा आउटसोर्सिंग व्यवस्था की नियमावली बनाए जाने सम्बन्धि मांगे शामिल हैं।
लोहिया संस्थान के संविदा-आउटसोर्सिंग कर्मचारी कल करेंगे निदेशक का घेराव
गोमती नगर स्थित डॉ राम मनोहर लोहिया संस्थान के संविदा-आउटसोर्सिंग कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को संस्थान के निदेशक का घेराव करेंगे। इसकी जानकारी संस्थान के कर्मचारी संघ के महामंत्री एवं मीडिया प्रभारी सच्चिदानन्द मिश्रा ने रविवार को दी। उन्होंने बताया कि उसी दिन आगे की भी रणनीति तय की जाएगी।

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