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Sunday, 27 January 2019

आधुनिक सिग्नल प्रणाली स्थापित करने जा रहा है रेलवे, नही होगा एक्सीडेन्ट

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने मिशन-जीरो एक्सीडेंट के लिए बड़ी कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत लंबे रेलवे ट्रैक पर आधुनिक सिग्नल प्रणाली स्थापित करने जा रहा है। इसके लिए पहले चरण में देश के तीन रेलवे रूटों का चयन किया गया है। करीब 450 किलोमीटर से अधिक रेलवे ट्रैक पर एकीकृत सिग्नल प्रणाली लगाया जाएगा। इसपर 1200 करोड़ रुपये लागत आएगी।

भारतीय रेलवे ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। इसमें दिल्ली-चैन्नई रूट के झांसी-बीना के बीच 150 किलोमीटर ट्रैक पर सिग्नल सिस्टम को आधुनिक बनाया जाएगा। इसके अलावा रेनिगुंटा सेक्शन (155 किलोमीटर), विजियानाग्राम सेक्शन (140 किलोमीटर) सहित मध्य रेलवे में आधुनिक सिग्नल सिस्टम लगाया जाएगा। इस आधुनिक यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (ईटीसीएस) के अलावा एलटीई बेस्ड मोबाइल ट्रेन रेडियो कम्यूनिकेशन (एमअीआरसी) सिस्टम भी लगाया जाएगा।

इसके अलावा सुदूर छोटे दो स्टेशनों के बीच (सेक्शन) टे्रनों-मालगाडिय़ों की पता लगाने के लिए डाग्नोस्टिक एंड प्रीटेक्टिव सिस्टम, एडवांस मेनटेंस सिस्टम लगाए जांएगे। यह सभी आधुनिक तकनीक की मदद से रेलवे ट्रैक, स्टेशन, सिग्नल सिस्टम, इंटरलॉकिंग सिस्टम आदि ऑनलाइन निगरानी हो सकेगी। खास बात यह है कि समयबद्ध मरम्मत व एडवांस मरम्मत की जरुरत का पता चल सकेगा। साथ ही एकीकृत सिग्नल सिस्टम मानवीय त्रुटि की गुंजाइश समाप्त कर देगा।

जानकारी के मुताबिक मिशन जीरो एक्सीटेंड लागू कर रेल यात्रा को सुरक्षित बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। रेलवे पहली बार कई आधुनिक तकनीकों का एकीकृत रूप में इस्तेमाल करने जा रहा है। ट्रेन परिचालन के पूर्ण रूप से कंप्यूटरीकृत होने से मानवीय चूक से होने वाले ट्रेन हादसे थम जाएंगे। बता दें कि ईटीसीएस लेवल-1 जिसे टे्रन प्रोटेक्शन एंड वार्निग सिस्टम (टीपीडब्ल्यूएस) के नाम से जानते हैं, 342 किलोमीटर ट्रैक पर लगाया जा चुका है।

यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (ईटीसीएस) लेवल-2 है। यह अत्याधुनिक तकनीक है। इसमें वायरेस के जरिए सूचनाएं ट्रेन ड्राइवर को मिलेंगी। इसकी विशेषता यह है कि इंजन के केबिन में लगे स्क्रीन पर सिस्टम आगे चल रही ट्रेन की रफ्तार का अंदाजा स्वत: लगा लगेगा। इसके आधार पर स्क्रीन पर ड्राइवर को सिग्नल हरा, पीला अथवा लाल दिखाई देगा।

जानकारी के मुताबिक ईटीसीएस आगे दौड़ती टे्रन की रफ्तार के आधार पर पीछे वाली ट्रेन की गति तय कर देती है। आगे की टे्रन रुकने पर सिस्टम लाला सिग्नल दिखाने के साथ अलार्म बजाता है। यदि ड्राइवर बे्रक नहीं लगाता है तब टे्रन में ईटीसीएस स्वत: बे्रक लगा देता है।

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