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Sunday, 20 January 2019

हरदोई-ब्लॉक प्रमुख समीर सिंह के पुण्यात्मा मातृ पितृ की स्मृति में हो रही श्रीराम कथा

हरदोई 20 जनवरी-“जो पुत्र माता पिता की भावनाओं को समझ कर केवल इशारा पाकर ही कार्य करें ,वहीं उत्तम पुत्र होता है। पिता के वचनों को शिरोधार्य करते हुए श्री राम ने व्याकुलता में में शिथिल हो चुके राजा दशरथ के दर्शन करके वनागमन को उद्यत हो गए। माता सुमित्रा का लक्ष्मण जी से श्री राम जानकी को मातृ पितृ तुल्य समझते हुए सेवा में तत्पर रहने का आदेश देकर उनके दूध की मर्यादा रखने का वचन दिया।” उक्त मातृ पितृ भक्ति और भ्राता प्रेम का व्याख्यान करते हुए श्री राम कथा मर्मज्ञ पंडित कामोद मिश्र ने धर्म सुधा ट्रस्ट के तत्वाधान में बावन ब्लाक प्रमुख समीर सिंह व डॉ संजय सिंह द्वारा आयोजित श्री राम कथा के छठे दिन भक्तों के बीच व्यक्त किए।
बावन ब्लाक प्रमुख समीर सिंह द्वारा अपने माता पिता की पुण्य स्मृति में आयोजित श्री राम कथा के छठवें दिन मानस मर्मज्ञ पंडित कामोद मिश्रा ने कैकई चरित्र और वनागमन के पूर्व की कथा का मार्मिक चित्रण करते हुए कहा कि उत्तम पुत्र वही होता है जो माता-पिता की भावनाओं को समझकर इशारे से ही कार्य करता है। पिता के वचनों को शिरोधार्य करके भगवान श्री राम ने अपने पिता दशरथ के अंतिम दर्शनों हेतु बिना कुछ कहे वनागमन के लिए चल दिए।माता कौशल्या भी ऐसे पुत्र और पुत्रवधू को पाकर धन्य हो गई।आचार्य ने बताया कि नारियों का सम्मान करो, यही नारियां आजाद ,भगत सिंह, विवेकानंद जैसे पुत्रों को पैदा कर समाज को अनुशासन और प्रेम का संदेश देते हैं।जो नारी पति की अनुगामी बनकर छाया के रूप में श्री राम के साथ सहज रूप में जाने को तैयार हो गई।अपना पतित्व धर्म निभाने के वास्ते कितने ही कष्टों को सहा। माता सुमित्रा भी लक्ष्मण जी को पाकर धन्य हो गई। लक्ष्मण जी को विदा करते हुए माता सुमित्रा ने कहा कि मेरी दूध की लाज रखना। श्री राम जानकी को अपना मातृ पितृ तुल्य समझ कर उनकी सेवा करना, जागकर उनके संरक्षण के लिए कार्यरत रहना ,तभी मेरी दूध की लाज रहेगी। श्री राम कथा मर्यादा की पोटली है जो लेना चाहे ,ले ले,इस पोटली के रस को अंतर्निहित करके प्राप्त किया जा सकता है। “जीवन नैया, पार न होगी, राम के बिना” भजन सुनाकर आचार्य ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्री राम कथा के अपरान्ह विश्राम के बाद आरती यजमान समीर सिंह और उनकी धर्मपत्नी ने की। कथा में प्रमुख रूप से अविनाश मिश्रा ,शिशुपाल सिंह, पूर्व विधायक अनिल वर्मा, विधायक प्रतिनिधि धर्मेश मिश्रा,डॉ अनुज गुप्ता,केबी सिंह,गुड्डू सिंह, विवेक सिंह, अखिलेश सिंह,नवल किशोर द्विवेदी, सुशांत सिंह,रवि सिंह समेत भक्तजनों ने आरती ली। कथा के यजमान समीर सिंह ने बताया कि 21 जनवरी को कथा का समापन और 22 जनवरी को प्रातः 10 बजे से सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया है। इसके बाद पूरे दिन भर भंडारा चलेगा। अमूमन 15 तारीख से सुबह से शाम तक आने जाने वालों के लिए संपूर्ण खानपान की व्यवस्था श्री सिंह ने की है।

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