नई दिल्ली। एक अदद से बिजनेस शुरू करने के लिए बैंकों से लोन पाने के लिए हम कितना भटकते है? इसे देखते हुए मोदी सरकार ने 59 मिनट में लोन मंजूर कराने की योजना बनाई थी। अब 59 मिनट वाले लोन स्कीम के तहत कर्ज की सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर 3-5 करोड़ रुपए की जा सकती है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय लोन की सीमा बढ़ाने पर विचार कर सकता है। इसकी सीमा धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी। सरकार ने एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम आकार के उद्योगों) के लिए 59 मिनट में कर्ज मंजूर करने की योजना पिछले साल नंवबर में लॉन्च की थी।
इस पोर्टल पर कर सकते हैं आवेदन
सूत्रों ने बताया http://bit.ly/2TvXJwR नामक इस पोर्टल को कर्ज लेने वालों से अच्छा रेस्पांस मिला है। यहां बड़ी संख्या में लोग आवेदन कर रहे हैं। पोर्टल से जुड़े सरकारी बैंकों ने कर्ज की सीमा बढ़ाने में रुचि दिखाई है। उन्होंने कहा, कुछ बैंकों ने इस स्कीम के तहत दिए जाने वाले लोन की सीमा को धीरे-धीरे बढ़ाकर 2 करोड़ रुपए करने का सुझाव दिया है। लेकिन वित्त मंत्रालय निर्णय करने से पहले कर्ज वितरण और एसेट क्वालिटी के आंकड़ों पर गौर करेगा। सिबिल-सिडबी की एक रिपोर्ट के मुताबिक एमएसएमई को दिया गया कर्ज वर्ष 2018 के अंत तक बढ़कर 25.2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। इस सेक्टर में एनपीए भी 7.3% से बढ़कर 9% हुआ है।
पहले इस पोर्टल से कर्ज मंजूर होने में 20 से 25 दिन तक लगते थे
इस पोर्टल से बैंकों द्वारा कर्ज मंजूरी में लगने वाला समय 20-25 दिन से घटकर 59 मिनट रह गया है। ऐसे लोन की ब्याज दर 8% से शुरू होती है। लोन मंजूर होने के 7-8 दिन में रकम भी मिल जाती है। इस पोर्टल पर एमएसएमई को बिना कोलेटरल के लोन दिया जाता है। एमएसएमई के लिए बना क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट 5 लाख रु. तक के कर्ज पर 85% गारंटी देता है।
40 हजार को मिल चुका है फायदा
मंजूर आवेदनों में 62% को कर्ज मिलना बाकी
14,100 करोड़ रु. के कर्ज पोर्टल के जरिए मंजूर हो चुके हंै।
40,669 उद्यमियों को यह कर्ज मंजूर किए हैं।
37,400 करोड़ रु. के कर्ज के लिए 1.12 लाख आवेदनों को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।
38% राशि कर्ज के स्वीकृत अावेदनों पर जारी की जा चुकी है।

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