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Sunday, 21 April 2019

अब नहीं होगा वेडिंग के खर्च का टेन्शन, इस तरह मिलेगा लोग

नई दिल्ली। भारत में शादी काफी भव्य तरीके से होने का चलन हैं, जिसके चलते शादियों पर होने वाला खर्च महंगाई के साथ बढ़ता जा रहा है। सभी लोग चाहते हैं कि वो खुद की शादी या परिवार के किसी सदस्य की शादी बड़ी ही धूमधाम से करें। ऐसे में जब लोगों के पास उस वक्त पैसा नहीं होता है या कम पैसा होता है तो वो वेडिंग या मैरिज लोन (शादी या विवाह लोन) लेकर उस खर्च को पूरा कर सकते हैं।

आज के समय में बैंक और अन्य लोन देने वाली कंपनियां कई प्रकार के लोन ऑफर करती हैं, जिसमें वेडिंग या मैरिज लोन भी शामिल है। वेडिंग लोन पर आमतौर पर ब्याज दरें 10.75 से 19 फीसद के बीच होती हैं और कार्यकाल 1 से 5 साल के बीच होता है।

शादी के खर्च का बजट तैयार करना चाहिए और उसके बाद लोन अमाउंट का अनुमान लगाकर लोन के लिए आवेदन करना चाहिए। यह देख लेना चाहिए कि आप कितना लोन आसानी से मासिक ईएमआई के रूप में चुका सकते हैं।

लोन देते वक्त बैंक यह देखता है कि आवेदक की मासिक आय कितनी है और वो कितना लोन आसानी से चुका सकता है। उसके बाद बैंक लोन अमाउंट की राशि तय की जाती है।

अपनी मौजूदा आय और बचत के हिसाब से तय कीजिए कि आप मासिक तौर पर कितनी ईएमआई आसानी से दे सकते हैं। अगर बचत से अधिक ईएमआई होगी तो मासिक खर्च चलाने में दिक्कत आएगी। मासिक आय का लगभग 40 फीसद से ज्यादा ईएमआई में नहीं देना चाहिए।

बैंक यह तय करता है कि आवेदक का क्रेडिट स्कोर क्या है, आवेदक की आय से कितना पैसा अन्य ईएमआई में कट रहा है और 750 से अधिक क्रेडिट स्कोर होने पर आसानी से लोन दिया जाता है। इस सब के बाद ब्याज दर तय होती है और लोन मिलता है।

लोन लेने से पहले सभी बैंकों के ऑफर की आपस में तुलना करनी चाहिए। यह देख लेना कि कौन-कौन से बैंक प्रोसेसिंग चार्ज और अन्य चार्ज लगा रहे हैं। बाजार में अन्य पॉलिसी की तुलना करने पर आप ब्याज दर में बचत कर सकते हैं।

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