रेल प्रशाशन उदासीन, जीआरपी एवं आरपीएफ के ढुलमूल रवैये से ऑटो चालक करते है मनमानी

आरा(विक्रांत राय/रितेश चौरसिया)। जीआरपी एवं आरपीएफ के ढुलमूल रवैये के कारण इन दिनों ऑटो चालको की मनमानी चरम पर है। इनकी मनमानीयो से आरा स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ती है। आरा स्टेशन का पूरा परिसर स्टैंड के रूप में तब्दील हो गया है फिर भी यात्रियों की सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था के लिए आरा स्टेशन पर तैनात जीआरपी एवं आरपीएफ इसे देखते हुए कोई कार्यवाही करने की पहल नही कर रहे है ताकि आरा स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को फजीहत नही झेलनी पड़े। ऐसा नही है कि इन ऑटो चालकों की मनमानी सिर्फ स्टेशन परिसर के भीतर ही चलती है बल्कि इनकी मनमानी से आहत पूरे शहरवासी है। शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी जैसे-तैसे ऑटो लगने से आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन ऑटो चालकों की हद तो उस वक्त हो जाती है जब ये बड़े शान से वन-वे सिस्टम की धज्जियां उड़ाते है और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से बहाल करने के लिए तैनात यातायात पुलिस के जवान तमाशबीन बने सिर्फ देखते रहते है। आपको बता दे कि शीशमहल चौक, आरा स्टेशन, सिंडिगेट, पुरानी पुलिस लाईन सहित अन्य कई जगहों पर ऑटो चालक जैसे-तैसे ऑटो लगाकर आवागमन को बाधित कर रहे है।
ऑटो चेकिंग अभियान बंद होने के कारण ऑटो चालको की बढ़ी मनमानी
ऑटो चेकिंग अभियान बंद होने के कारण ऑटो चालक मनमानी पर उतर आये हैं। इससे आरा जंक्शन पर आने-जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सुबह-शाम आरा-पटना पैसेंजर पकड़ने के लिए स्टेशन परिसर में काफी भीड़ हो जाती है। इसलिए जैसे-तैसे ऑटो खड़े रहने के कारण पैदल चलने वाले यात्रियों को परेशानी होती है। लगातार अभियान नहीं चलने के कारण ऑटो चालक इधर-उधर ऑटो खडा कर देते हैं।
स्टेशन पर निगम की विभागीय वसूली
शहर के सड़कों पर दौड़ने वाले हजारों ऑटो परेशानी का सबब बने हुए हैं। बेतरतीब ड्राइविंग और ओवर लोडिंग से न केवल यात्री परेशान होते हैं बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था भी चरमरा जाती है। पुलिस बार-बार अभियान चलाने का दावा तो करती है पर असर नजर नहीं आता है। इसके अलावा शहर के मुख्य चौराहों पर हाथों में लाठी लिए लोग ऑटो को लाइन में लगवाते हैं और व्यवस्थित तरीके से चलाने के नाम पर छोटे और बड़े ऑटो से रुपये की वसूली करते है। इतना ही नही यूनियन के नाम पर भी रुपया वसूला जाता है। इस संबंध में जानकारी लेने पर कोई कहता है कि अराजक तत्व हैं तो कोई कहता है कि यूनियन के लोग हैं। यही लोग ऑटो को सवारियों से भरने का काम भी करते हैं।
ऑटो स्टैंड नाम पर वसूली करने वाले कौन
ऑटो स्टैंड पर ऑटो चालकों से होने वाली वसूली कौन करता है? ये अपने आप मे एक बड़ा सवाल है। कोई कहता है नगर निगम लेता है तो कोई कहता है किसी का टेंडर है। मगर इसका सही जवाब कोई देना नहीं चाहता है। आपको बता दे कि ऑटो चालको की मनमर्जी और वसूली के गोरखधंधे का सिलसिला काफी दिनों से चल रहा है
बार-बार कहां जाना है के सवाल पर झल्ला जाती है महिलाए
चालक ऑटो की ओर आने वाले हर सवारी को बैठाने के लिए उनके आगे पीछे घूमते रहते है। इंतजार में खड़ी महिलाओं से ऑटो ड्राइवर द्वारा बार-बार एक ही बात पूछे जाने पर कहां जाना है, कई महिलाए झल्ला तक जाती है।
आवागमन मुश्किल
आरा स्टेशन के बाहर बने बसों के अवैध ठहराव के कारण शहर के कई मुख्य मार्ग संकरे हो गए हैं। इन स्थानों पर बसों के ठहराव के दौरान ठेला संचालक भी इनके इर्द-गिर्द मंडराते रहते हैं। इसके चलते शहरवासियों को इन मार्गों पर आवागमन करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां बसों के आवागमन के दौरान जमावड़ा रहने से भी मार्गों पर कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। जिसका सीधा प्रभाव शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ता है।
कहां-कहांं बने हैं अवैध स्टैंड
शहर से विभिन्न रूटों पर संचालित होने वाली निजी बसों के संचालकों ने रेलवे स्टेशन, पूर्वी रेलवे फाटक बिजली ऑफिस, सुधा डेयरी कतीरा के पास, वीर कुंवर सिंह विवि, चंदवा, धोबी घटवा, रेलवे स्टेशन के पास अवैध स्टैंड बना रखे हैं। शहर में भीड़ भरे स्थानों पर बने इन स्टैंडों के कारण मार्ग पर आवागमन करते समय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन स्थानों पर बस चालक सवारी उतारने-चढ़ाने का कार्य करते है। जहाँ देर शाम तक बसों का आवागमन लगा रहता है।
प्रशासनिक स्तर पर नहीं हो रहे हैं कारगर प्रयास
शहर में बने इन स्टैंडों को अन्यत्र स्थानांतरित करने के संबंध में प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। पूर्व में प्रशासन, परिवहन विभाग ने मिलकर कार्य योजना तैयार कर इन अवैध स्टैंडों को अन्यत्र स्थापित करने की योजना बनाई थी, लेकिन उसे अमलीजामा नहीं पहना सके। शहर में जगह-जगह निजी वाहन चालकों ने अवैध स्टैंड बना रखे हैं। जिनको हटाने के लिए प्रशासन की ओर से अभी तक कोई कार्य योजना तैयार नहीं की जा सकी है।
क्या कहते हैं ट्रैफिक प्रभारी
ट्रैफिक इस्पेक्टर निर्मल कुमार ने कहा की ऑटो स्टैंड में जैसे-तैसे ऑटो लगने की शिकायत मिली है। चार जवान की टीम गठित की गई है। यह टीम ऑटो स्टैंड व मोटरसाइकिल स्टैंड में अभियान चलायेगी। उन्होंने कहा कि इधर-उधर ऑटो खड़े करने पर विभागीय कार्रवाई करते हुए 500 रुपये जुर्माना वसूला जायेगा। ऑटो ड्राइवर गलत व्यवहार करते हैं और उनकी शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाती है।
क्या कहते डीटीओ
आरा परिवहन पदाधिकारी माधव कुमार सिंह ने बताया की ऑटो चालकों की ड्राविंग, लाइसेंस व प्रदुषण की जांच की जायगी। मामला प्रकाश में आया है जो लोग ओवर लोडिंग कर रहे है उनपर करवाई की जायगी।

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