राजीव श्रीवास्तव
सुल्तानपुर किसान सहकारी चीनी मिल में लगी आग के मामले में एक नया मोड़ आ गया है किसानों का आरोप है किसान सहकारी चीनी मिल में बकास में लगी आग शार्ट सर्किट से नहीं बल्कि खुद लगाई गई है यही नहीं किसानों का यह भी आरोप है कि किसान सहकारी चीनी मिल केजीएम चीनी मिल को भ्रष्टाचार की भेंट पर चढ़ा दिए हैं किसानों का आरोप यही नहीं रुका उनका यह भी आरोप है कि 10 दिन से किसान सहकारी चीनी मिल में अपने गन्ने को लेकर आया हुआ है लेकिन यहां ना तो किसानों के पीने के लिए पानी की व्यवस्था है ना तो खाने के लिए कोई इंतजाम किया गया है बल्कि लाए गए गन्नों में कटौती कर गन्ने की खरीदारी की जा रही है चीनी मिल के जीएम पर यह भी आरोप लगा है कि वह चीनी मिल को विकसित नहीं करना चाहते बल्कि आए हुए धन को बंदर बांट कर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा रहे हैं विदित हो कि जनपद के सैदपुर में सहकारी चीनी मिल स्थापित है जहां पर बीते सोमवार को लगभग 12:00 बजे चीनी मिल में आग लग गई ,आग इतनी भयानक थी कि लोगों के होश उड़ गए कर्मचारियों और आस पड़ोस के गांव वालों की मदद से लगे आग पर किसी तरह काबू पाया गया वही जब इस संबंध में गन्ना किसानों से बात किया गया तो उनका कहना था बकास में शार्ट सर्किट से आग नहीं बल्कि लगाई गई है उन्होंने यह भी बताया कि चीनी मिल में आग लगने का या कोई नया मामला नहीं है हर वर्ष बकाश को बेचकर आग लगा दिया जाता है जिससे आए पैसे की बंदरबांट किया जा सके किसानों का यह भी कहना है कि किसान चीनी मिल के लिए सांसद वरुण गांधी से और यहां के प्रतिनिधियों से जीर्णोद्धार के लिए मांग किया गया था लेकिन ना तो सांसद ने चीनी मिल का जीर्णोद्धार कराया ना तो यहां के प्रतिनिधियों और प्रशासन ने चीनी मिल की सुध ली उन्होंने कहा कि डबलप्लान्ट होना चाहिए लेकिन यहां का गन्ना अधिकारी ने कहा कि यहाँ इतना गन्ना नही होता जब कि नवम्बर माह से यहाँ पर गन्ना पड़ा हुआ किसानों का आरोप है कि यहाँ का जी एम गन्ना मिल को बंद करना चाहता है जिसके चलते आज गन्ना मिल जीर्ण शीर्ण दशा में हो गया है ।
जी एम का कहना—–
जब इस सम्बंध में मिल के जी एम से बात किया गया तो उन्होंने कहा कि बकास में आग शार्ट सर्किट से लगा है लेकिन ताज्जुब यह है कि बकास में लगी आग इतना विकराल रूप कैसे ले लिया जब कि मिल में सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहते है ।

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