कटियारी में राजनीति के अलग अलग रंग
परन्तु चुनावी बेला पर कटियारी का प्रमुख मुद्दा अर्जुन पुर पल चला गया हासिये पर
निर्णायक ब्राम्हण व क्षत्रिय वोट को एक जुट करने में जुटे दोनो नेता
2012 के विधानसभा चुनाव में एक दूसरे को परास्त करने तैयार थे तीनों प्रत्याशी लेकिन बसपा प्रत्याशी रजनी तिवारी ने मारी थी बाजी
निखिल दीक्षित / अरविंद तिवारी
हरपालपुर,हरदोई।राजनीति में ना कोई स्थायी दुश्मन ना दोस्त सवायजपुर विधानसभा से विधानसभा चुनाव में जो नेता अलग अलग दल से अपना चुनावी परचम लहरा रहे थे वही नेता इस समय एक ही मंच पर खड़े होकर लोकसभा प्रत्याशी को जिताने की अपील कर रहे हैं राजनीति में कोई स्थाई दुश्मन ना दोस्त नहीं होते बीते 21 अप्रैल को सवायजपुर में मुख्यमंत्री की जनसभा में ऐसा ही देखने को मिला है कि जो विधानसभा चुनाव में अपने अलग-अलग दलों से परचम लहरा रहे थे वही नेता एक ही मंच पर खड़े होकर लोकसभा प्रत्याशी को जिताने की अपील कर रहे हैं 2012 के विधानसभा चुनाव में तीनों सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र से एक दूसरे के मुकाबले में थे रजनी तिवारी अस्पा तो मानवेंद्र प्रताप सिंह रानू भाजपा से थे डॉ अशोक बाजपेई सपा के प्रत्याशी थे रजनी ने मानवेंद्र सिंह रानू और डॉक्टर अशोक बाजपेई को हरा दिया था वक्त का पहिया घूमा तो सत्ता की चाहत में डॉक्टर बाजपेई रजनी ने दल बदल दिया फिलहाल तीनों नेता एक दल में ही है सवायजपुर विधानसभा 154 के 2012 के आंकड़ों के मुताबिक इस विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 341000 209 थी जिसमें पुरुष 1 लाख 93 हजार253 है जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 1लाख 47हजार 953 है सीट के अस्तित्व में आने के बाद से अब तक सिर्फ एक बार ही चुनाव हुआ है जिस में बीएसपी की रजनी तिवारी ने जीत दर्ज की थी विधानसभा चुनाव 2012 में भाजपा प्रत्याशी मानवेंद्र प्रताप सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे जबकि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अशोक बाजपेई चौथे स्थान पर रहे थे अब वही तीनों दिग्गज नेता जो विधानसभा 2012 के चुनाव में एक दूसरे को परास्त करने पर जुटे हुए थे वहीं तीनों दिग्गज नेता 21 अप्रैल को हुई सुबह के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा में तीनों दिग्गज नेता एक ही मंच पर दिखाई दिए भाजपा के समर्थन में वोट की अपील करते हुए मजे की तो बात यह है कि 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे डॉ अशोक बाजपेई ने जय प्रकाश रावत के समर्थन में वोट मांगते हुए यह भी कह डाला कि विगत 29 अप्रैल को होने वाली मतदान में सभी मतदाताओं से अपील है कि साइकिल वाला बटन दबाकर जय प्रकाश रावत को भारी बहुमत से विजय बनाएं दल बदल गया लेकिन डॉक्टर बाजपेई की जबान पर परिवर्तन नहीं आ सका अभी तक है।

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