सिविल, लोकबंधु, डफरिन में नहीं हो रही जांच



लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल में बॉयोप्सी की जांच शुरू हो गई है। यह जांच अभी तक लोहिया संस्थान की ओर से संचालित हो रहे नोडल सेंटर पर की जा रही थी। 31 मार्च से नोडल सेंटर बंद होने से बंद हो गई थी। इसके लिए मरीजों को करीब 250 रुपए देने पड़ रहे हैं। वहीं यह जांच नोडल सेंटर में मुफ्त की जा रही थी। बलरामपुर अस्पताल में नई ओपीडी के सामने बने एनसीडी केंद्र पर यह जांच की जा रही है। यह केंद्र सीएमओ की ओर से संचालित किया जा रहा है। इसके लिए मरीजों को करीब 250 रुपए देने पड़ रहे हैं।
मदद से लगायी मशीनें
बलरामपुर निदेशक डॉ. राजीव लोचन ने बताया कि लोहिया संस्थान की ओर से संचालित हो रहे नोडल सेंटर बंद होने के बाद मरीजों को बॉयोप्सी जांच के लिए भटकना पड़ता था। उन्होने कहा कि अस्पताल के खर्च और लोगों की मदद से इन जांच मशीनों को अस्पताल में लगवाया गया। जांच के बारे में कहा कि करीब 15 दिनों से यह शुरू हुई है। सेन्टर बंद होने पर जो जांचे अस्पताल में मौजूद नहीं हैं, उनकी जांचें भी अस्पताल की पैथालॉजी में शुरू करवाने का प्रयास करेंगे।
सिविल, लोकबंधु, डफरिन में नहीं हो रही जांच
राजधानी के बलरामपुर के अलावा सिविल, लोकबंधु, डफरिन सहित किसी भी अस्पताल में यह जांच अभी नहीं हो रही है। मामले में अस्पतालों के अफसरों का कहना है कि प्रयास जारी है लेकिन अभी तक प्रक्रिया में कोई तेजी नहीं आयी है। चुनाव के बाद कुछ संभावना हो सकती है।
-नोडल सेंटर में मुफ्त में होती थी जांचे
उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेंथनिंग प्रोजेक्ट (यूपीएचएसएसपी) के तहत यह जांच पांच साल से नोडल सेंटर में मरीजों को मुफ्त की जा रही थी। यूपीएचएसएसपी की अवधि 31 मार्च तक थी। इसके बाद खुलने का कोई नया आदेश नहीं आया, इसके चलते सेंटर भी बंद कर दिये गए। वर्ष 2015 नवम्बर में राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में सैम्पल कलेक्शन सेन्टर खोले गए थे

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