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Tuesday, 16 April 2019

टी.बी. मरीज बीच में ही छोड़ रहे हैं इलाज-डॉ. सूर्यकान्त

दुनिया के 27 प्रतिशत टी.बी. रोगी भारत में हैं

लखनऊ। टी.बी. देश की एक गम्भीर समस्या है। हमारे देश में इससे प्रति तीन मिनट में दो व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है तथा प्रतिदिन 6000 लोग इससे ग्रसित हो जाते हैं। ये जानकारी उत्तर प्रदेश के स्टेट टास्क फोर्स (क्षय नियंत्रण) चेयरमेन डॉ. सूर्यकान्त ने दी है। उन्होंने बताया कि भारत में दुनिया के 27 प्रतिशत टी.बी. के रोगी हैं।
विश्व स्वास्थ संगठन ने टी.बी रोग के समूलनाश के लिए 2030 तक की समय सीमा तय की है, जबकि भारत सरकार ने इसे 2025 तक खत्म करने का संकल्प लिया है। इसके तहत तमाम तरह के अभियान चलाये जा रहे हैं, मगर इसके मरीज बीच में ही इलाज छोड़ रहे हैं, जिससे कई समस्यायें उत्पन्न हो रही हैं।

चलेगा अभियान

केजीएमयू की पूर्व छात्रा डॉ. शैली बत्रा ने टी.बी. उन्नमूलन में केजीएमयू को सहयोग देने का आश्वासन दिया। डॉ. बत्रा आपरेशन आशा नामक स्वयं सेवी संस्था संचालन कर रही हैं। इस संबन्ध में केजीएमयू कुलपति प्रो. एम.एल.बी. भटट्, रेस्पाइरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त एवं अन्य संकाय सदस्यों की उपस्थिति में एक बैठक हुई।
कुलपति ने बताया कि डॉ. शैली की संस्था के सहयोग से शीघ्र ही केजीएमयू के पास की गरीब बस्तियों में टी.बी. के रोगियो की खोज, उनका नियमित उपचार तथा उसके बारे में स्वास्थ्य शिक्षा की जानकारी के लिए एक अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान उत्तर प्रदेश राज्य क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. सन्तोष गुप्ता भी उपस्थित रहे।

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