हर बुखार की बनानी है स्लाइड
लखनऊ। विश्व मलेरिया दिवस को मनाने का उद्देश्य सभी लोगों को विभिन्न विभागों के सहयोग से समुदाय को जागरुक करना है,कि मच्छर जनित स्थितियाँ उत्पन्न न होने दें। यह बात गुरूवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यलय पर संक्रामक रोग व वेक्टर जनित कार्यक्रम की निदेशक डॉ. मिथिलेश चतुर्वेदी ने मलेरिया जागरूकता गोष्ठी के दौरान कही।
अब 75 जिलों में मनाया जाता
जिसमेंं मच्छर से बचना व बचाना विभागों के साथ- साथ समुदाय की भी जिम्मेदारी है। समुदाय को जागरूक करना है कि वे अपने घर व उसके आस-पास सफाई रखें। मच्छर जनित परिस्थितियाँ न उत्पन्न होने दें। हम समय- समय पर संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा मनाते हैं। पहले यह पखवाड़ा जेई/एईएस प्रभवित 38 जिलों में मनाया जाता था लेकिन अब यह सभी 75 जिलों में मनाया जाता है | ताकि समुदाय संचारी रोगों से बचाव को लेकर जागरूक हो सके।साथ ही डॉ. मिथिलेश ने बताया कि आशाओं को हर बुखार की स्लाइड बनाना हैं,जिसमें इनको स्लाइड बनाने का मानदेय भी मिलता है, और मलेरिया के रोगी की पहचान करने व उसका सम्पूर्ण इलाज कराने का भी मानदेय मिलता है।
70 और मलेरिया कर्मियों की भर्ती— डॉ. अग्रवाल
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि हम संचारी रोगों से लड़ने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। हमारे यहाँ अभी तक 4 वार्ड में मलेरिया यूनिट थीं इस वर्ष हमने 3 और वार्ड में मलेरिया यूनिट स्थापित की हैं। हम 70 और मलेरिया कर्मियों की भर्ती कर रहे हैं | हमारे पास अभी तक 3 हैंड होल्डिंग फोगिंग मशीन थीं, अब 7 और मशीन आएंगी ताकि गली, मोहल्ले, व दूरस्थ क्षेत्रों में आसानी से फोगिंग हो सके |
इस अवसर पर संयुक्त निदेशक डॉ. शौकत कमाल, कंसल्टेंट डॉ. रमेश चंद्रा, इंटेमोलोजिस्ट डॉ. मानवेंद्र त्रिपाठी, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.बी.के.सिंह, राष्ट्रीय वेक्टर जनित नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. के.पी.त्रिपाठी, जिला मलेरिया अधिकारी डी.एन.शुक्ला, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी, मलेरिया विभाग के कर्मचारी तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित थे |

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