लखनऊ। न्यूरोसर्जरी और नाॅन-इनवेसिव रेडियोसर्जरी तकनीक के क्षेत्र में हाल में हुई प्रगति के कारण, अब विभिन्न प्रकार के ट्यूमर के इलाज आसान, विश्वसनीय और अत्यधिक सुरक्षित हो गए हैं। सबसे उन्नत तकनीकों में से एक, एम 6 साइबरनाइफ के इस्तेमाल से, अब यहां तक कि सबसे जटिल ट्यूमर के लिए भी सटीक इलाज संभव हो गया है। इसके मिनिमली इनवेसिव होने और आॅपरेषन में कम समय लगने के कारण भी रोगियों को अतिरिक्त लाभ मिलता है।
आम लोगों और डॉक्टरों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए आज जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व आर्टेमिस हाॅस्पिटल के न्यूरोसर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य गुप्ता के साथ-साथ न्यूरोसर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. सुमित सिंह ने किया और प्रौद्योगिकी के महत्व और लाभों पर प्रकाश डाला।
ट्यूमर के इलाज के लिए बेहद प्रभावी
आर्टेमिस हॉस्पिटल में एग्रीम इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज के न्यूरोसर्जरी विभाग के निदेशक डाॅ. आदित्य गुप्ता ने कहा, ‘‘एम 6 साइबरनाइफ रेडियोसर्जरी सटीक, दर्द रहित और नाॅन-इनवेसिव रेडियेषन उपचार है। यह कैंसर वाले और कैंसर रहित वैसे ट्यूमर के इलाज के लिए बेहद प्रभावी है जिसकी सर्जरी नहीं की जा सकती है। इसके लिए एनेस्थीसिया देने और चीरा लगाने की आवश्यकता नहीं होती है और अभी तक इसके कोई जोखिम या दुष्प्रभाव की भी सूचना नहीं मिली है। दुनिया भर के रोगियों को सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करने के दृष्टिकोण के साथ, अस्पताल सटीक और बेहतर उपचार के विकल्पों के लिए नवीनतम दवाओं और प्रौद्योगिकी को पेश करने में अग्रणी है। एम 6 साइबरनाइफ के इस्तेमाल के मामले में, निष्चित तौर पर यह कहा जा सकता है कि लोगों को इससे सबसे अधिक लाभ होगा और इस प्रयास से रोगियों को प्रगतिशील और संवेदनशील देखभाल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।’’

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