सेक्स फैंटेसी एक जरिया है। यह जानने का हम अपने साथी के कितने ज्यादा करीब हैं, शारीरिक संबंधों की कल्पना ही हमारे जीवन में कामुकता के रस को बनाए रखती है, जो हमें शारीरिक संबंधों के चरमोत्कर्ष तक पहुंचाती है।
क्या है सेक्सुअल फैंटेसी
हमारे विचारों,हमारी कल्पना का एक आधार होता है, जो सेक्स के प्रति हमारी सोच और भावनाओं को प्रभावित करता है तथा साथ ही उन्हें बढ़ाता भी है। सेक्स फैंटेसी कुछ भी हो सकती है, वह अचानक से आपके मन में आ सकती है, यह एक तरह की कल्पना है, जो आप अपने साथी के लिए करते हैं और जो आपकी सेक्स उत्तेजना को बढ़ाकर ऑर्गेज्म प्राप्ति में मदद करता है। सेक्सुअल फैंटेसी का मतलब वह हर कल्पना होती है, जो आप किसी पुरूष या महिला के लिए अपने दिमाग में बनाते हैं कि आप किस तरह से उनसे शारीरिक संबंध बनाएंगे या किस तरह से और कितना एक-दूसरे के करीब होंगे। इस तरह के विचार या कल्पना का आना सेक्सुअल फेंटेसी का भाग है, जो आपकी सेक्स क्रियाओं में एक तरह की उत्तेजना भर देता है, जिसके तहत आप अपने साथी से संबंध बनातेसमय पूरा आनंद प्राप्त कर सकते हैं।
पुरूषों में सेक्स फैंटेसी :- महिलाओं और पुरूषों की सेक्स फैंटेसी में अंतर होता है। पुरुषों की सेक्स फैंटेसी में महिलाओं के शरीर, उनके अंगों का चित्रण होता है। वह अपनी कल्पना में खुद को स्त्री द्वारा संबंध बनाए जाने का या फिर वह स्वयं को स्त्री के साथ अलग अवस्थाओं में देखते हैं। स्त्रियों की अपेक्षा पुरूष अधिक कामुक स्वभाव के होते हैं, इसीलिए उनकी कल्पना स्त्री के शरीर का हर वो चित्रण होता है, जिससे वह देखना व स्पर्श करना चाहते हैं। पुरुषों की सेक्स फैंटेसी में वह ज्यादातर खुद को ऐसी स्त्रियों के साथ देखते हैं, जो उनकी कल्पना या पसंद के दायरे में आती है।
स्त्रियों में सेक्स फैंटेसी :- स्त्रियों की फैंटेसी में पुरूष की कामुक छवि से ज्यादा भावनाओं से जुड़ाव अधिक होता है। अपनी सेक्सुअल फैंटेसी में स्त्रियां अपने साथी को उसकी भावनाओं की कद्र करते हुए उसे आलिंगन करते हुए महसूस करती है। और इस तरह की कल्पना उसके शरीर को गुदगुदा जाती है। स्त्री की फैंटेंसी में अपने साथी के शरीर की खुशबू, उसकी शरारत भरी बातें, उसका चूमना ये सारी बातें उसे अधिक सुख पहुंचाती हैं।
क्या होता है सेक्सुअल फैंटेसी का आधार :- सेक्सुअल फैंटेसी में कुछ भी हो सकता है, जिसमें एक स्त्री या पुरूष अपने पार्टनर के अलावा किसी और के साथ संबंध बनाते हुए खुद को सोच सकते हैं। वह वो सब उस अनजान पुरूष या स्त्री के बारे में सोच सकते हैं या फिर खुद को उसके साथ अलग-अलग तरह से शारीरिक संबंध बनाते हुए महसूस कर सकते हैं।

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