कुछ दिन पहले नरेंद्र मोदी ने अभिनेता अक्षय कुमार को साक्षात्कार दिया था, इसने भी आमजन को प्रभावित किया था। उसमें मोदी के निजी जीवन से जुड़े प्रसंग थे, इनमें भारत के आमजन को अपना अक्स दिखाई दिया था। यह तस्वीर धूमिल नहीं हुई थी, तभी पत्रकार रजत शर्मा द्वारा लिया गया नरेंद्र मोदी का साक्षात्कार चर्चा में आ गया। यह अपने ढंग का अभूतपूर्व और अद्भुत साक्षात्कार था। साक्षात्कार की परिभाषा में यह एकदम सटीक बैठता था। लेकिन इसमें किसी बड़ी रैली का जोश और प्रभाव भी था। नरेंद्र मोदी के इस साक्षात्कार के कई पहलू है। पहले में उनके कार्य करने के तरीकों का उल्लेख है। इसी के बल पर नरेंद्र मोदी सदैव आगे बढ़ते रहे, इसी ने मेहनती, लोकप्रिय और विश्वसनीय राजनेता के रूप में उनकी छवि का निर्माण किया। दूसरे पहलू में उन्होंने आंतरिक नीतियों व उपलब्धियों का ब्यौरा दिया, तीसरा पहलू भारत की विदेश नीति से संबंधित है, इससे प्रमाणित हुआ कि पिछले पांच वर्षों में भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्व व प्रभाव बढा है। राजनीति के पटल पर भी नरेंद्र मोदी अलग दिखाई देते है। गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के साथ उनपर विरोधी पार्टियों का जा हमला जारी हुआ, वह आज तक जारी है। उन्हें मौत के सौदागर से लेकर चोर तक कहने में भी संकोच नहीं किया गया। लेकिन उनपर जितने हमले हुए, वह उतना ही आगे बढ़ते रहे। यह सब उनके कार्य करने के तरीके से संभव हुआ। मोदी ने रजत शर्मा से कहा कि वह देश को सर्वोच्च मान कर कार्य करते है। चुनाव को ध्यान में रखकर कार्य नहीं करते। यह बात सही भी लगती है। मोदी के पहले भी नोटबन्दी का सुझाव आया था, लेकिन तब चुनाव को महत्व देने के कारण इसे नकार दिया गया था। मोदीं ने चुनाव नहीं देश को महत्व दिया, इस लिए वह जोखिम उठा सके। पिछले बीस वर्षों में उन्होंने कभी कोई अवकाश नहीं लिया।नरेंद्र मोदी ने अपने पांच वर्षों के कार्यो का उल्लेख भी किया। पिछली सरकार के मुकाबले कई गुना अधिक कार्य हुआ। जनधन खाता, सड़क निर्माण, रेल लाइन बिछाने का कार्य, बिजली उत्पादन, गैस कनेक्शन व बिजली कनेक्शन देने, निर्धनों को आवास देते आदि क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए। मुद्रा योजना में चार करोड़ लोगों ने पहली बार बैंक से कर्ज लेकर स्वरोजगार शुरू किया।प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश पर संक्षिप्त चर्चा की, लेकिन इसका व्यापक निहितार्थ है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विशेष रूप से उल्लेख किया, और बसपा प्रमुख मायावती के प्रति सहानुभूति दिखाई। कहा कि योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में विपक्ष का सफाया कर दिया है। इसका निहितार्थ यह है कि प्रधानमंत्री उनके कार्यो से खुश है। योगी भी उन्हीं की तरह मेहनत और ईमानदारी से अपने कार्यो में लगे है। पहले भी देखा गया कि मोदी उत्तर प्रदेश में हुई सफल इन्वेस्टर्स समिट से बहुत प्रभावित थे। इसमें भी हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर कार्य भी शुरू हो चुका है। नरेंद्र मोदी ने तब उत्तर प्रदेश के राज्यपाल से कहा था कि यह समिट उनके मुख्यमंत्री रहते गुजरात हुई समिट से बेहतर है। मोदी ने रजत शर्मा को बताया कि निवेश के लिए वह गुजरात में उद्योगपतियों से वार्ता करते थे, तब वह लोग ग्रुप बना कर अलग अलग वार्ता करते थे। मतलब वह लोग थक जाते थे। लेकिन स्वयं मोदी सभी ग्रुपों से लगातार संवाद करते थे। ऐसी ही मेहनत योगी आदित्यनाथ ने भी करके दिखाई है। इसके अलावा केंद्र सरकार की लोक कल्याण योजनाओं पर भी योगी ने शानदार ढंग से अमल करके दिखाया है। गरीबों के लिए आवास, शौचालय, बिजली व्यवस्था आदि पर उत्तर प्रदेश में योगी के कार्यकाल के दौरान रिकार्ड कार्य हुए है।इसके अलावा नरेंद्र मोदी ने बसपा प्रमुख मायावती के प्रति सहानुभूति व्यक्त की। उनका कहना था कि कांग्रेस और सपा की मिलीभगत है। ये लोग मायावती को धोखा दे रहे है। इस प्रकार मोदी ने गठबन्धन के प्रति अविश्वास भी व्यक्त किया। वैसे भी कहा जा रहा है कि नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के कारण सपा और बसपा जैसे परस्पर घोर विरोधियों को एक मंच पर आना पड़ा है। मतलब मोदी है तो मुमकिन है। मोदी ने कहा कि मैं चुनाव के लिए सरकार नहीं चलाता, ना ही पार्टी या चुनाव को ध्यान में रखकर सरकार चलाता हूं। सरकार देश के लिए चलाता हूं। मेरे सारे निर्णय देश के लिए होते हैं। हमारे इरादे नेक हैं। यह मानना होगा कि नरेंद्र मोदी की वजह से राजनीति में बड़े परिवर्तन दिखाई दे रहे है। अनेक दिग्गज कानून के शिकंजे से बचने के लिए बेचैन है। इन्हें डर सता रहा है। मोदी सत्ता में रहे तो इनकी परेशानियां बढ़ना तय है। राहुल गांधी, सोनिया और रॉबर्ट वाड्रा बेल पर है। अनेक नेताओं के खिलाफ जांच चल रही है। मोदी कहते है कि कानून का डर गलत करने वालो में होना भी चाहिए।नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी के मुद्दों की भी इस कार्यक्रम में हवा निकाल दी। राहुल द्वारा उनको चोर कहने का प्रश्न उन्होंने वहां मौजूद लोगों की तरफ बढा दिया। मोदीं को यह विश्वास है कि देश का आमजन उनको चोर नहीं मानता, और वह चुनाव में इसका जबाब भी देगा। राहुल के अजीब गरीब भाषण पर भी मोदी ने तंज किये। उस फिल्म का उदाहरण दिया जिसमें कई ग्रहों के लोग एक साथ आकर मिलते है।
राहुल गांधी मोदी की विदेश यात्राओं पर तंज करते रहे है। मोदी ने प्रश्नों के जबाब में सिलसिलेवार उनकी चर्चा की। उनकी प्रत्येक विदेश यात्रा राष्ट्रीय हित से प्रेरित थी। उसके सार्थक परिणाम भी मिले। यह पहली बार है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर कोई मुद्दा नही रह गया। इसके विपरीत पाकिस्तान का आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन गया। यहाँ तक कि चीन को भी इसे स्वीकार करना पड़ा।मोदी स्वयं पूंछते है आज से पहले दुनिया में हम कहां थे। जब भी पाकिस्तान का मसला आता था तो कश्मीर पर अटक जाता था। जब भी पाकिस्तान की बात आती थी, तो रूस अकेला हमारे साथ होता था,पूरी दुनिया पाकिस्तान के साथ होती थी। ये पिछले चालीस साल का रिकॉर्ड है। इन दिनों पांच साल में अकेला चीन ही पाकिस्तान के साथ होता था,पूरी दुनिया हमारे साथ होती है, यह बहुत बड़ा बदलाव है। मसूद मसले पर तो चीन भी भारत के साथ आ गया। विश्व का कोई फ़ोरम नहीं ऐसा नहीं है जिसमे भारत ने मानवता के पक्ष की वकालत ना की हो। आतंकवाद ये मानवता का दुश्मन है। विश्व समुदाय भारत के इस तर्क से सहमत हुआ है। यही कारण है कि अन्तर्राष्ट्रीय जगत में कश्मीर नहीं, आतंकवाद मुद्दा बन गया। इस मुद्दे पर विश्व का समर्थन भारत की एक कूटनीतिक विजय है। जितनी ताक़त सर्जिकल व एयर स्ट्राइक की है, उतनी ही ताक़त संयुक्त राष्ट्र राष्ट्र संघ के सर्वसम्मत निर्णय की है। एक समय था जब मोदी को वीजा न देने के लिए भारत के कुछ विपक्षी नेताओं ने पत्र लिखा था। फिर ऐसा समय आया जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने नरेंद्र मोदी को अमेरिका आमंत्रित किया। वर्तमान राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मोदी व्हाइट हाउस में नौ घंटे रहे थे। यह अभूतपूर्व था। जाहिर है कि नरेंद्र मोदी का यह साक्षात्कार अभूतपूर्व था। केवल भारत ही नहीं ,विश्व में इसकी चर्चा हुई है।
Post Top Ad
Tuesday, 7 May 2019
रैली के प्रभाव जैसा अभूतपूर्व साक्षात्कार
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment