रायबरेली। 6 मई को मतदान को लेकर 5 वर्ष पूर्व मृतक हुए लोगों का मतदाता ही नही बल्कि उनके घर मतदान करने के लिए बीएलओ बकायदा मत करने के लिए आमंत्रित करने हेतु पर्ची देने पहुंचे है। हलाकि मृतक यमलोक के पास होने पर बीएलओ द्वारा उसको वापस नही बल्कि उनके परिजनो को देकर चले गए है। ये वाक्या मतदाता सूची के तैयारियों पर ग्रहण डालते हुए विभाग की पोल खोल दिया है। मामला ऊंचाहार तहसील अन्तर्गत से जुडा है। जिसमे ब्लाक ऊंचाहार के गंगाकटरी गांव गोकनाकुटी निवासी रामेश्वर पुत्र बिन्दादीन की मौत हुए तकरीबन पांच वर्ष हो गए। लेकिन उनके लोकसभा के चुनाव मे मतदाता बकायदा बनाया गया है। जिनका मतदाता सूची मे क्रमांक संख्या 525 मे बकायदा नाम दर्ज है और तो और 6 मई को मतदान करने के लिए उसके घर पर बुलावा पत्र भी बीएलओ के द्वारा मतदान करने हेतु वितरण होने वाली पर्ची तक भेजा गया है। जिससे ये आश्चर्य होता है कि क्या मृतक रामेश्वर यमलोक से आकर अपना मतदान करेगा या उसके मत का प्रयोग कोई गलत ढंग से करेगा ये एक पहेली बनकर गूंज रही है। हलाकि मतदाता सूची मे कई मृतकों का नाम भी। जिसमे देखा जाए तो करोडो व लाखों रूपए मतदाता सूची मे पानी की तरह फेंककर मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए अभियान चलाता रहा लेकिन मृतकों को मतदाता सूची से बाहर करने के लिए कोई ध्यान सक्षम अधिकारी ने नही दिया, नही तो शायद आज मृतकों का नाम मतदाता सूची मे न होता हैरत की बात तो ये है कि क्या मुर्दा 6 मई को मतदान करेंगे। उधर एसडीएम केशवप्रसाद गुप्ता ने बताया कि मतदाता सूची मे मृतकों का नाम है तो गलत है हम उसकी जांच करके वैधानिक कार्यवाही करेंगे।
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Sunday, 5 May 2019
रायबरेली में मुर्दे भी डालेंगे वोट, संसदीय मतदान सूची मे मुर्दा बने मतदाता
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