*उच्चन्यायालय के निर्देशों की उड़ रहीं धज्जियां शासनादेश भी ताक में*
*न्यायपालिका के विरुद्ध चल रहे पाँचों ईंट भट्ठों पर प्रशासन की महरे नजर*
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पिहानी।हरदोई।(तरुणमित्र)इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खण्डपीठ ने 2014 में उत्तर प्रदेश के जनपद अमेठी की एक ग्राम सभा मोचवा गाँव के पास ईंट भट्टे का संचालन गैर कानूनी साबित करते हुए तत्काल बंद कराने के निर्देश करते हुए ये फरमान जारी किया था कि व्यक्ति का जीवन बहुमूल्य है इसलिए आबादी क्षेत्र से बहुत करीब भट्ठा चलाया जाना गैर कानूनी है।इसके अलावा उत्तर प्रदेश शासनादेशों के मद्देनज़र ईंट भट्ठों हेतु जारी अधिसूचना के अनुसार कोई भी ईंट भट्ठा किसी भी नगर परिषद अथवा नगर निगम क्षेत्र से 5 किमी की दूरी के अन्दर नहीं स्थापित हो सकता।यहां तलक कि आवासीय क्षेत्र व रजिस्टर्ड चिकित्सालय,सार्वजनिक इमारतों अथवा स्कूलों,धार्मिक स्थानों और ज्वलनशील पदार्थों के भण्डारण तथा मिश्रित फलों या आम के बागानों से भी 01 किमी की दूरी के भीतर स्थापित नहीं किया जा सकता।फिर भी नगर पालिका परिषद पिहानी की चारों सीमाओं पर बने सीमा स्वागत द्वारों के भीतर चारों सीमाओं में एक नहीं मान्यवर पाँच-पाँच गैर कानूनी भट्ठों के संचालन से ईंटों की तरह पक रहे पिहानी के नागरिक। उपरोक्त सभी नियम-अधिनियम आदेश-निर्देश के विपरित चल रहे ये ईंट भट्ठे बेतरतीबी से क्षेत्र की उपजाऊ मिट्टी का खनन करवाकर धरती को भी खोखला करने में जुटे हैं।तमाम खबरों के प्रकाशन के बावजूद भी यहां पर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी की कार्रवाई की कलम चलती नजर नहीं आ रही है।इनकी वजह से खारिश,टीवी, कैंसर,फीलपाँव, फालिज,लकवा,हार्टअटैक जैसी घातक बीमारियाँ यहाँ आम हो चुकी हैं।पैर पसारे ये घातक बीमारियाँ सैकड़ों व्यक्तियों को अपनी गहरी चपेट में लेकर दर्जनों व्यक्तियों की जीवन लीला समाप्त कर रही हैं यहाँ तलक वाटर लेबल डाउन के चलते नलों से पर्याप्त पानी नहीं निकल रहा है और पीने का पानी काफी हद तक खारा भी होता जा है और शासन-प्रशासन इन नियम विरुद्ध ईंट भट्टों को बंद नहीँ करा पा रहा है जबकि गैर कानूनी साबित इन ईंट-भट्ठों का संचालन उच्चन्यायालय निर्देशों की भी खुली अवमानना है।कैसे बचे व्यक्ति का जीवन जब वातावरण विशुद्ध और पर्यावरण अशुद्ध हो गया।

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