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Sunday, 5 May 2019

इस तरह सुधार सकते है अपना ​क्रेडिट स्कोर

प्रियदर्शनी 35 साल की हैं। वह एक प्राइवेट अस्पताल में काम करती हैं। हाल ही में उन्होंने होम लोन के लिए अप्लाई किया। उन्हें बताया गया कि उनका क्रेडिट स्कोर कम है। इसलिए उन्हें उतना लोन नहीं मिल सकता, जिना अप्लाई किया है। यही नहीं, उन्हें मौजूदा ब्याज दरों से ज्यादा पर लोन की पेशकश की जा रही थी। प्रियदर्शनी ने अपना क्रेडिट स्कोर चेक किया. उन्होंने पाया कि यह 600 है। उन्हें पता है कि इसकी ऊपरी सीमा 900 होती है। व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर जितना अच्छा होता है, उसकी साख उतनी ही बढ़ जाती है। तब उसे बेहतर दरों पर लोन की पेशकश की जाती है। लोन मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।

अब प्रियदर्शनी अपने क्रेडिट स्कोर को बढ़ाना चाहती हैं. इसके जरिए वह भविष्य में कम लागत का लोन पा सकेंगी। अपना स्कोर सुधारने के लिए उन्हें क्या करना चाहिए? क्रेडिट स्कोर इस बात पर निर्भर करता है कि पहले प्रियदर्शनी ने लोन का इस्तेमाल कैसे किया है और उनका उसे चुकाने के प्रति व्यवहार कैसा रहा है। उन्हें अपने पुराने रिकॉर्डों को देखना चाहिए कि कहीं उन पर किसी क्रेडिट कार्ड या लोन का बकाया तो नहीं है। यदि ऐसा है तो उन्हें उसे तुरंत निपटा देना चाहिए। इसका निश्चित ही उनके क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ेगा। वह लोन की अदायगी के लिए ऑटोमैटिक डेबिट फेसिलिटी का इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे लोन की अदायगी समय से सुनिश्चित होगी। उन्हें यह भी तय करना होगा कि उनके खाते में पर्याप्त बैलेंस हो ताकि बकाया की रकम उसमें से कट जाए। इससे डिफॉल्ट की आशंका खत्म हो जाएगी।

अगर प्रियदर्शनी ने कोई बचत की है तो इसका इस्तेमाल महंगे कर्जों को उतारने में करना चाहिए। बकाया कर्ज का क्रेडिट स्कोर पर काफी खराब असर पड़ता है। इन्‍हें न‍िपटाना तब और भी जरूरी हो जाता है कि अगर बहुत से अनसिक्योर्ड लोन हैं। इनमें क्रेडिट कार्ड का बकाया और पर्सनल लोन इत्यादि शामिल हैं।

प्रियदर्शनी को क्रेडिट को लेकर अपने व्यवहार को भी बदलने की जरूरत है। इसके लिए उन्हें क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कम करना चाहिए। इससे उनका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो समय के साथ सुधरेगा। लोन देने में बैंक इसे भी देखते हैं। लोन की बहुत अधिक सुविधाओं का इस्तेमाल करने से भी उन्हें परहेज करना चाहिए। क्रेडिट से बहुत दूरी बना लेना भी स्कोर को सुधारने का अच्छा तरीका नहीं है। प्रि‍यदर्शनी को दिखाना भी है कि वह अनुशासित तरीके से लोन की सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकती हैं। इन सभी कदमों की मदद से समय के साथ प्रियदर्शनी अपने क्रेडिट स्कोर को सुधार पाएंगी। यह काम तुरंत नहीं होगा। इसके लिए लगातार प्रयास करने होंगे। इस पेज की सामग्री सेंटर फॉर इंवेस्टमेंट एजुकेशन एंड लर्निंग (सीआईईएल) के सौजन्य से। गिरिजा गादरे, आरती भार्गव और लब्धि मेहता का योगदान।

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